राजस्थान में सियासी संकट.. पायलट को सिंधिया का सहारा.. हाईकमान ने भेजी टीम.. बोले कपिल सिब्बल – “चिंताजनक.. घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे”

जयपुर,12 जुलाई 2020। राजस्थान का सियासती घमासान तेज हो रहा है, राजस्थान ATS का नोटिस मिलने के बाद डिप्टी CM सचिन पायलट ने क़रीब पंद्रह विधायकों के साथ जहाज़ उड़ा दिया है। चर्चाएँ हैं कि कुल पैंतालीस विधायक सचिन पायलट के इशारे का इंतज़ार कर रहे हैं। बेहद नाराज़ डिप्टी CM सचिन पायलट को लेकर शुरुआती खबरें थीं कि, वे हाईकमान से मिलकर हालात से अवगत कराना चाहते हैं।

एक खबर यह भी आई कि राहुल गांधी ने शाम साढ़े पाँच का वक्त मिलने के लिए दिया है। लेकिन इस खबर की फिर ना पुष्टि हुई और ना ही कोई खबर आई। बल्कि उलट एक खबर तैरी है कि, सचिन पायलट ने अब तक संपर्क ही नहीं किया है।

हालाँकि राजस्थान में उपजे बवाल को लेकर आलाकमान तीन सदस्यीय टीम रवाना कर चुका है जिनमें अजय माकन रणदीप सुरजेवाला और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडेय शामिल हैं। यह टीम आज ही रात सीएम हाउस में बैठक करेगी। खबरें हैं कि यह टीम बैठक के दौरान यह पूरजोर कोशिश करेगी कि, सचिन पायलट को भी इस कोर बैठक में उपस्थित करा लिया जाए।
इधर दो ट्वीट चर्चाओं में हैं, और दोनों ही ट्वीट बेहद गंभीर ध्वनि पैदा कर रहे हैं। पहला ट्वीट कपिल सिब्बल का है जिन्होंने लिखा –

“हमारी पार्टी के लिए चिंताजनक.. क्या घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे”

जबकि दूसरा ट्वीट सचिन पायलट के बेहद करीबी मित्र और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सत्ता से बेदख़ली की वजह बने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का है। श्रीमंत के नाम से पुकारे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट में सचिन पायलट को टैग करते हुए लिखा –

“मेरे पूर्व सहयोगी सचिन पायलट को देख कर दुखी हूँ.. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दरकिनार और सताया जा रहा है.. यह दिखाता है कि प्रतिभा को पहचानने की क्षमता कांग्रेस में बेहद कम है”

सचिन पायलट के बेहद तीखे तेवर हैं पर वे पूरी तरह मौन हैं, कोई नहीं जान पा रहा है कि पायलट की लैंडिंग जब होगी तब सत्ता किसकी होगी.. वहीं यह भी एक सवाल है ( जिसकी फ़िलहाल उम्मीद नहीं दिखती) कि,कहीं सचिन पायलट क्रैश लैंडिंग के शिकार तो नहीं हो जाएँगें।

Spread the love