भगत सिंह की 113वीं जयंती पर पीएम मोदी ने किया ट्वीट कहा- युगों तक प्रेरित करेगी शहीद-ए-आजम की कहानी

रायपुर 28 सितम्बर 2020  महान क्रांतिकारी भगत सिंह की 113वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्‍होंने कहा कि कि वीरता एवं पराक्रम की उनकी गाथा देशवासियों को युगों-युगों तक प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘ मां भारती के वीर सपूत अमर शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। वीरता और पराक्रम की उनकी गाथा देशवासियों को युगों-युगों तक प्रेरित करती रहेगी।’’ मोदी ने ट्वीट के साथ रविवार को प्रसारित अपने ‘मन की बात’ संबोधन की एक क्लिप भी साझा की, जिसमें उन्होंने सिंह को श्रद्धांजलि दी थी।

 

 

भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था। यह स्थान पर पाकिस्तान का हिस्सा है। हर भारतीय की तरह भगत सिंह का परिवार भी आजादी का पैरोकार था। उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भी आजादी के मतवाले थे और करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में गदर पाटी के सदस्य थे।अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजाद करने के लिए चले आंदोलनों में भगत सिंह का नाम बहुत ही गर्व से लिया जाता है। 12 साल की उम्र में जलियांवाला बाग कांड का उनके मन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ा था।

Why is Modi talking of Nehru, Bhagat Singh, instead of reforms?

इन दोनों का असर था कि वे बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे। 14 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिए। जिसके बाद भगत सिंह के पोस्टर गांवों में छपने लगे।
। देश की रक्षा के खातिर अपनी पढ़ाई छोड़कर सन् 1920 में वो महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन में शामिल हुए। 23 साल की छोटी सी उम्र में ही ब्रिटिश सेना द्वारा उन्हेंं फांसी पर चढ़ा दिया गया था।

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