PM मोदी बोले- देश अब खुल गया है, ज्यादा सतर्क रहें…कोरोना संकट की सबसे ज्यादा चोट हमारे गरीब, मजदूर और श्रमिकों पर

नयी दिल्ली 31 मई 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के 65वें भाग में एक बार फिर से देशवासियों को संबोधित किया. लॉकडाउन में यह तीसरी बार है जब पीएम मोदी मन की बात की. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस कम फैला है. अब हमें आगे और सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क लगाने की बात हो, या घर में रहना हो, हमें सभी बातों का पालन करना है. मजदूरों के पलायन पर पीएम ने कहा कि ल़ॉकडाउन में गरीब और मजदूर पर बड़ी चोट पड़ी है.

उन्होंने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि पिछली बार जब मैंने पिछली बार आपसे मन की बात की थी, तब यात्री ट्रेनें बंद थीं, बसें बंद थीं, हवाई सेवा बंद थी. इस बार, बहुत कुछ खुल चुका है. श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल रही हैं, अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं. तमाम सावधानियों के साथ, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं, धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है, यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है, खुल गया है. ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है.

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, ”तमाम सावधानियों के साथ हवाई जहाज उड़ने लगे हैं. धीर-धीरे उघोग भी चलना शुरू हुआ है. यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है. ऐसे में हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है.” उन्होंने आगे कहा, ”देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है. जब हम दुनिया की तरफ देखते हैं तो हमें अनुभव होता है कि वास्तव में भारतवासियों की उपलब्धि कितनी बड़ी है. हमारी जनसंख्या ज्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है. हमारे देश में चुनौतियां भी भिन्न प्रकार की हैं. लेकिन फिर भी हमारे देश कोरोना बाकी देशों की तुलना में कम फैला है.’’

पीएम मोदी ने इस दौरान होने वाले इनोवेशन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि “एक और बात जो मेरे मन को छू गई, वो है संकट की इस घड़ी में innovation, गांवों से लेकर शहरों तक, छोटे व्यापारियों से लेकर startup तक, हमारी labs  कोरोना से लड़ाई में, नए-नए तरीके इज़ाद कर रहे हैं, नए innovation कर रहे हैं.’ ”मैं सोशल मीडिया में कई तस्वीरें देख रहा था। कई दुकानदारों ने दो गज की दूरी के लिए, दुकान में बड़े pipeline लगा लिए हैं, जिसमें, एक छोर से वो ऊपर से सामान डालते हैं, और दूसरी छोर से  ग्राहक अपना सामान ले लेते हैं.” उन्होंने कहा कि ‘किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए इच्छाशक्ति के साथ ही बहुत कुछ इनोवेशन पर भी निर्भर करता है. हजारों साल की मानव जाति की यात्रा लगातार इनोवेशन से ही इतने आधुनिक दौर में पहुंची है.

 

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