Begin typing your search above and press return to search.

20 जवानों की शहादत पर बोले PM मोदी- “वे मारते-मारते मरे….हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा’

20 जवानों की शहादत पर बोले PM मोदी- “वे मारते-मारते मरे….हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा’
X
By NPG News

नयी दिल्ली 17 जून 2020। मुख्यमंत्रियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना की चीन के साथ हुई झड़प पर बयान दिया है. पीएम मोदीने कहा का जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि हम किसी को कभी उकसाते नहीं हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से भी कोई समझौता नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि जब भी समय आया है, हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है. उन्होंने कहा कि मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रुभता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई रोक नहीं सकता. इस बारे में किसी भी जरा भी संदेह नहीं होना चाहिए.

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘त्याग और तपस्या हमारे चरित्र का हिस्सा है. विक्रम और वीरता भी हमारे चरित्र का हिस्सा है. देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता. इसमें किसी को भी भ्रम नहीं होना चाहिए. भारत शांति चाहता है लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है और हमारे दिवंगत शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर काम किया है. हमेशा उनके विकास और कल्याण की कामना की है. जहां कहीं मतभेद भी रहे हैं, हमने हमेशा ये प्रयास किया है कि मतभेद विवाद न बने. हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं. लेकिन अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते. जब भी समय आया है हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है.

गौरतलब है कि 15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में LAC पर चीन और भारत की सेना में हिंसक झड़प हुई है. इस हिंसा में भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं. जानकारी ये भी है कि चीन के करीब 40 जवान हताहत हुए हैं, लेकिन चीन ने अब आधिकारिक तौर पर कोई संख्या नहीं बताई है. साथ ही चीन ने भारत पर ही कार्रवाई का आरोप लगाया है. जबकि भारत ने साफ तौर पर कहा है कि ये पूरी घटना चीन की हिमाकत का नतीजा है.

Next Story