पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी की मुश्किलें बढ़ी…. IAS के फर्जी हस्ताक्षर से रिश्तेदारों को करोड़ों के टेंडर देने का लगा आरोप… शिक्षा मंत्री से शिकायत के बाद FIR के लिए लिखा गया पत्र

रायपुर 14 जुलाई 2020। पाठ्य पुस्तक के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी की मुश्किलें बढ़ सकती है। चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने महाप्रबंधक रहते निगम में करोड़ों का घोटाला किया है। इस मामले में जांच को लेकर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से शिकायत की है। शिकायत में विनोद तिवारी ने बताया है कि नियम विरूद्ध व निविदा प्रक्रिया का धता बताकर चतुर्वेदी ने अपने संबंधियों, रिश्तेदारों तथा दलालों के दाग़ी फ़र्मों को ठेका देकर शासन को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। इस मामले में जांच रिपोर्ट भी आ चुकी है लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। यहां तक घोटालों के बावजूद वो अपने पद पर अभी भी बने हुए हैं। जबकि उनके विरूद्ध जांच समिति ने एक मामलें में पुलिस अन्वेषण तथा FIR किए जाने की अनुशंसा भी की गई है।

विनोद तिवारी ने लिखित शिकायत में कहा है कि अशोक चतुर्वेदी ने पूर्व प्रबंध संचालक के फर्जी हस्ताक्षर कर  मामलें में गलत तरीके से निविदा जारी की। जांच में इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है। वर्तमान आयुक्त, बिलासपुर संभाग तथा पूर्व प्रबंध संचालक श्री संजय अलंग द्वारा लिखे पत्र क्रमांक/1285/स्टेनो/2020 बिलासपुर दिनांक 26 जून 2020 में संजय अलंग ने अवगत कराया है कि:-

विविध मुद्रण शाखा की नस्ती में 51वीं बैठक 28.02.2018 के एजेंडा क्रमांक 13 से संबंधित कार्यवाही विवरण व उपस्थिति पत्रक के प्रथम पृष्ठ पर अंकित प्रबंध संचालक के हस्ताक्षर उनके द्वारा नही किए गए है।

कार्यकारिणी की 52वीं बैठक दिनांक 19.04.2018 में उल्लेखित पालन प्रतिवेदन के अंत में पृष्ठ क्रमांक 07 पर किए हस्ताक्षर उनके (श्री संजय अलंग के) द्वारा नही किये गए है।

विविध मुद्रण कार्य की एक नस्ती में नोटषीट में श्री संजय अलंग के हस्ताक्षर के नीचे लिखे ‘‘आगामी कार्यकारिणी में रखें’’ व ‘‘अनुमोदित’’ की हैंडराइटिंग भी श्री संजय अलंग की हैंडराइटिंग नही है। श्री अलंग ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि ये दोनो वाक्य उन्होने नही लिखा है।

संजय अलंग ने इस प्रकरण में उचित जांच कर कार्यवाही करने को भी लिखा है।

इस प्रकरण में पापुनि के महाप्रंबधक अशोक चतुर्वेदी ने कूट रचित दस्तावेज तथा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर मनमाने दर पर 6 करोड़ 55 लाख 48 हज़ार 598 रूपये का ठेका अपने चहेते दाग़ी फर्म रिश्तेदार मेसर्स होप इंटरप्राइजेंस, सुंदरनगर, रायपुर को जारी किया तथा स्कूलों के लिए ग्रीनबोर्ड, रेट्रो रिफलेक्टिव साइन बोर्ड लगाने की निविदा की फाइल में फर्जी हस्ताक्षर व कूटरचित दस्तावेज बनाकर शासन को करोड़ो के राजस्व की हानि पहुंचाई व घपला किया है।

अशोक चतुर्वेदी ने अन्य दर्जनों मामलों में घपला किया है तथा इनके विरूद्ध की गई जांच में भी कई मामलों में जांच समिति ने घोटालों की पुष्टि की है।

मंत्री से अशोक चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गयी है। अशोक चतुर्वेदी आदतन अपराधी है तथा भाजपा शासनकाल से ही वे विभिन्न मामलों में लगातार घपले करते आ रहे है। पापुनि के भी कई कर्मचारी व अधिकारी इनके दबाव में हैं तथा डरे हुए है। विनोद तिवारी ने आरोप लगाया है कि चतुर्वेदी लगातार दस्तावेज गायब कर रहे है। इनके विरूद्ध कई मामलों में जांच हुई है तथा दर्जनों मामले लंबित है। कई मामलों में जांच समितियों ने उनके विरूद्ध रिपोर्ट भी दी है। जिसमें स्पष्ट रूप से इन्हे दोषी पाया गया है। आज शाम ए आर खान अवर सचिव शिक्षा ने उपरोक्त निविदा में हुए भ्रष्टाचार तथा कूटरचना मामले में FIR कराने आदेश जारी किया

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