सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा, जरूरत पड़ने पर चौथा टोकन होगा जारी…मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक में निर्णय

रायपुर, 13 जनवरी 2020। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा कर मंत्री मण्डल को अनुशंसा करने वाली समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर उपस्थित थे।

मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल के हिसाब से पूरा धान खरीदने के लिए जरूरत पड़ने पर चौथा टोकन जारी करने का निर्णय लिया गया। समिति ने प्रदेश के उपार्जन केन्द्रों में समितियों की क्षमता के अनुरूप ज्यादा से ज्यादा धान खरीदने का निर्णय लिया। प्रदेश में धान के सुरक्षित भण्डारण के लिए संग्रहण केन्द्र खोले गए है। समिति द्वारा जरूरत के मुताबिक और संग्रहण केन्द्र खोलने एवं कस्टम मिलिंग की गति को और बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक 39 लाख टन धान किसानों से खरीदा गया है। जिनमें से 18 लाख 60 हजार टन धान का उठाव खरीदी केन्द्रों से हो चुका है। पंजीकृत मिलरों को 20 लाख 58 हजार टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया जा चुका है। मिलरों द्वारा 4 लाख 81 हजार टन चावल जमा किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्रों से धान का कस्टम मिलिंग निरंतर जारी है। प्रदेश में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अन्य राज्यों से धान लाकर खरीदी केन्द्रों में खपाने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त एवं उद्योग अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त मनिंदर कौर द्विवेदी, सचिव श्रम सुबोध सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धनजंय देवांगन, खाद्य विभाग के विशेष सचिव मनोज सोनी, एमडी मार्कफेड  शम्मी आबिदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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