पत्नी बेवफा है या नहीं इसपर कोर्ट ने सुनाया ये फैसला…..सच का पता लगाने के लिए टेस्ट कराने का दिया निर्देश…..हाईकोर्ट पहुंचा था पूरा मामला

लखनऊ 18 अक्टूबर 2020।  उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से बेहद अजीबों-गरीब मामला सामने आया है. यहां तलाक के तीन साल बीत जाने के बाद एक महिला ने अपने बच्चे को जन्म दिया, इके बाद महिला ने यह दावा किया कि यह बच्चा उसके पति है. लेकिन पति बच्चे को स्वीकारने से साफ मना कर रहा है. उसका कहना है कि तीन साल पहले तलाक होने के बाद यह अब बच्चा उसका कैसे हो सकता है. ऐसे में पति ने अपनी पत्नी को लेकर कहा है कि उसके साथ उसका कोई संबंध नहीं है.

हमीरपुर के रहने वाले इस दंपती का फैमिली कोर्ट में 3 साल पहले तलाक हो चुका है. इस मामले में पति राम आसरे ने फैमिली कोर्ट में डीएनए टेस्ट की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी. लेकिन फैमिली कोर्ट ने उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था. इसके बाद मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट जा पहुंचा.

जहां इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई की और अहम फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि डीएनए टेस्ट से साबित हो सकता है कि पत्नी बेवफा है या नहीं. हाई कोर्ट ने कहा कि राम आसरे बच्चे का पिता है या नहीं, यह साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट सबसे बेहतर तरीका है.

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