महापौर एजाज की पहल पर संवरने लगी है ऐतिहासिक बूढ़ातालाब की किस्मत……15 दिन में ही दमकने लगा है स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों का ये सरोवर… खुद मुख्यमंत्री ने भी की

रायपुर 26 मई 2020। मेयर एजाज ढेबर की पहल पर अब ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब की किस्मत संवरने लगी है। सालों तक बदबू से घिरे और वीरानी में पड़े स्वामी विवेकानंद सरोवर को निखारने की संजीदगी जिस तरह से महापौर एजाज ने दिखायी…… और ना सिर्फ दिखायी बल्कि निर्देश के साथ-साथ खुद कामों की मानिटरिंग का जिम्मा भी संभाला… वो वाकई में काबिल-ए-तारीख है। अभी थोड़ी ही सही, लेकिन बदबू की जगह इस तालाब में अब बहार दिखने लगी है… जलकुंभी की जगह अब तालाब का पानी निर्मल नजर आने लगा है। विवेकानंद सरोवर  को खुबसूरत बनाने की कवायद पूरी रफ्तार से जारी है। वाकई में राजधानी के युवा महापौर ने इस सुप्रसिद्ध तालाब को चंद दिनों में ही बदलने का जिस तरह से जिम्मा उठाया है, वो किसी मिसाल से कम नहीं है। तभी तो आज खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इस तालाब की बदली हुई छटा को देखने के लिए पहुंचे और एजाज ढेबर के नेतृत्व वाली रायपुर निगम की दिल खोलकर तारीफ भी की। 

महापौर एजाज ढेबर और नगर निगम की टीम विवेकानंद सरोवर को जीवंत बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है। सबसे खास बात ये है कि महापौर की पहल पर राजधानी के लोग खुद श्रमदान के लिए तैयार हो रहे हैं। इनमें सामाजिक संस्था, प्रबुद्ध नागरिक व जनप्रतिनिधि के अलावे प्रशासनिक अमला भी शामिल है। नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लक्ष्मण झूला समेत अन्य का सौंदर्यीकरण भी इस तालाब में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी की तारीफ

मुख्यमंत्री भूपेश आज दोपहर राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब पहुंचे और साफ-सफाई के बाद अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस माह की 11 तारीख से नगर निगम रायपुर और महापौर के द्वारा बुढ़ातालाब की साफ सफाई के लिए चलाए गए अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजधानी रायपुर का ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब विवेकानंद सरोवर आने वाले समय में तेलीबांधा तालाब जैसे ही शहर के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। बुढ़ातालाब की साफ-सफाई के बाद योजनाबद्ध रूप से उसके सौंदर्यीकरण का काम किया जायेगा।  उन्होंने कहा कि दिन-रात मेहनत कर बूढ़ा तालाब से जलकुंभी और कचरा निकाला गया है। अब तालाब का पानी साफ दिख रहा है।

मुख्यमंत्री ने आमलोगों से किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम रायपुर को इसके पहले रायपुर शहर को टैंकर मुक्त शहर बनाने के निर्देश दिए गए थे, जिसमें काफी हदतक सफलता मिली है। अब शहर में टैंकरों की संख्या काफी कम हो गई है। हमारे पूर्वजों द्वारा बनवाए गए प्राचीन तालाब शहर की सुंदर पहचान हैं। बूढ़ा तालाब सहित शहर के अन्य तालाबों को भी सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। तालाबों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। तालाबों के आसपास के मोहल्लों में लोगों को इसके लिए जागरूक करना होगा। तालाबों में आने वाले सीवरेज के पानी को भी रोका जाना चाहिए।

जलकुंभी के जाल से आजाद हुआ बूढ़ा तालाब

नगर निगम रायपुर द्वारा 11 मई से 25 मई तक प्रतिदिन 6 घंटे बूढ़ा तालाब से जलकुंभी और गाद निकालने का काम किया गया। इस काम में 11 ट्रक और सात पोकलेन मशीनें लगाई गई थी, 85 सफाई कर्मी, 30 ठेका कर्मी, 50 मछुआरों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों, दुर्गा कॉलेज के विद्यार्थियों की टीम ने श्रम दान किया। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर सहित पार्षदों ने भी तालाब की साफ-सफाई के लिए श्रम दान किया। अब तक बूढ़ा तालाब से लगभग 1100 डंपर से अधिक जलकुंभी और गाद बाहर निकाला जा चुका है। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया, विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा और विकास उपाध्याय, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, मुख्य सचिव आरपी मण्डल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रभारी कलेक्टर और नगर निगम रायपुर के कमिश्नर सौरभ कुमार सहित अनेक पार्षद और जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।

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