1 जनवरी को छत्तीसगढ़ के 2.80 लाख एनपीएस कर्मचारी काला दिवस मनाएंगे… काली पट्टी व काला मास्क लगाकर एनपीएस का करेंगे विरोध

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर #NPS_BLACK_DAY ” लिखकर पीएमओ व सीएमओ को टैग कर चलाएंगे ट्वीटर अभियान

रायपुर 31 दिसंबर 2020. राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक वीरेंद्र दुबे, राष्ट्रीय आई टी सेल प्रभारी बसंत चतुर्वेदी, राजेश शर्मा, छत्तीसगढ़ प्रदेश सह संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, मनोज सनाढ्य, शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि 01 जनवरी 2004 को पूरे देश मे पुरानी पेंशन के स्थान पर नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू किया गया था, एनपीएस रूपी काले कानून को वापस लेने के लिए 1 जनवरी 2021 को काली पट्टी व काला मास्क लगाकर काला दिवस मनाकर सभी एनपीएस कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को सरकार तक नए अंदाज में पहुंचाने के लिए पीएमओ व सीएमओ को टेग करके ट्वीटर अभियान चलाने का आह्वान किया है तथा 1 जनवरी 2021 को नवीन पेंशन योजना का विरोध करते हुए एनपीएस ब्लैक डे #nps_black_day को किसी मैदान, पार्क, गार्डन, बड़ा कमरा, हॉल या कोई खुले जगह में इकट्ठा होकर काला रिबन या काला मास्क लगाकर फ़ोटो व वीडियो कर 1 जनवरी को काला दिवस समूह में या घर व किसी भी स्थान पर कार्यक्रम सम्पन्न का आह्वान किया गया है।

इस बार पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर नववर्ष के दिन एनपीएस कर्मचारियो में जागरूकता व एकजुटता का संदेश देते हुए कर्मचारी अपनी मांग को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जी तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचाएंगे। केंद्र सरकार ने 2004 में पुरानी पेंशन योजना को बंद कर बाजार आधारित नई पेंशन योजना प्रारभ की तब बताया गया था कि कर्मचारियो को लाभ मिलेगा, लेकिन इसकी सच्चाई को समझते हुए कार्यपालिका के लिए इसे थोपा गया, जबकि विधायिका के लिए पुरानी पेंशन ही रखा गया, कार्यपालिक वर्ग 2004 के बाद बाजार की भेंट चढ़ गए जबकि विधायिका पुरानी पेंशन शुकुन से ले रहे है।

1 जनवरी को एनपीएस काला दिवस मनाते हुए देश भर के 60 लाख एनपीएस कर्मचारी केंद्र सरकार से व छत्तीसगढ़ के 2.80 लाख कर्मचारी राज्य सरकार से मांग करेंगे कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली किया जावे अथवा एनपीएस कर्मचारियो को नई व पुरानी पेंशन योजना में विकल्प चुनने का अवसर दिया जावे।

सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी पेंशन ही एकमात्र विकल्प

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत जी व छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, प्रदेश सह संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, मनोज सनाढ्य, शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि देश के 60 लाख व छत्तीसगढ़ के 2.80 लाख एनपीएस कर्मचारियो के सुरक्षित भविष्य व बुढ़ापे के लिए पुरानी पेंशन योजना ही एकमात्र विकल्प है,,और इसीलिए NOPRUF लगातार पुरानी पेशन बहाली के लिए संघर्षरत है।

प्रधान मंत्री जी टैक्स, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कई सेवा के देश मे एक बराबर रखना चाहते है, तो देश मे एक ही पुरानी पेंशन योजना रखना चाहिए, अभी देश व प्रदेश मे 2004 के पूर्व के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जा रही है, वही 2004 कर बाद देश व प्रदेश में नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है।

एक देश – एक विधान – एक निशान की बात की जा रही है, तो 2004 के बाद अभी भी नेताओ के लिए पुरानी पेंशन व कर्मचारियो के लिए नई पेंशन,,यह अलग अलग व्यवस्था क्यो है,? अब स्पष्ट समझ मे आने लगा है कि नई पेंशन बुढ़ापे का सहारा नही है, इसीलिए 2004 के बाद भी विधायिका ने अपने लिए पुरानी पेंशन जारी रखा है, और कार्यपालिका के हिस्से में नई पेंशन को थोप दिया है, एक देश मे प्रदेश में अलग अलग पेंशन योजना का विरोध जारी है।

एक नेशन – एक पेंशन,,हमारा मिशन – पुरानी पेंशन के टैग लाइन के साथ पुरानी पेंशन की मांग लगातार जारी है। देश व छत्तीसगढ़ में समस्त विभाग के कर्मचारी, शिक्षक, लिपिक, स्वास्थ्य कर्मचारी, अधिकारी, रेलवे कर्मी, पुलिस कर्मी, बैंक कर्मी, पैरा मिलिट्री के जवानों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन के लिए NOPRUF में लामबंद है

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