5 अगस्त को PM मोदी अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन में होंगे शामिल……राममंदिर में होने जा रहा है ये बड़ा बदलाव… देखिये कब और कैसे तैयार होगा राम मंदिर

नयी दिल्ली 19 जुलाई 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री अयोध्या में भूमिपूजन में हिस्सा लेकर इसे संपन्न करा सकते हैं.
इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शनिवार को बैठक हुई. इस बैठक में इस पर चर्चा की गई कि भूमिपूजन की तारीख क्या हो. खबर ये भी है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 3 अगस्त और 5 अगस्त की तारीख भेजी गई है. हालांकि सूत्रों ने कहा है कि प्रधानमंत्री 5 अगस्त को अयोध्या जा सकते हैं. लिहाजा, इसी दिन भूमि पूजन का कार्यक्रम संपन्न होने की संभावना है.
राम मंदिर मॉडल में कैसा होगा बदलाव
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक में विश्व हिंदू परिषद के प्रस्तावित मॉडल में हल्का बदलाव करने पर भी सहमति बनी है. पहले के मॉडल में गर्भ गृह के मुख्य शिखर के अलावा 2 मंडप (गुम्बद नुमा आकार) मौजूद थे.अब 2 की जगह कुल 5 मंडप होंगे.पहले प्रस्तावित मॉडल की ऊंचाई 138 फुट थी, जिसको बढ़ाकर 161 फुट करने पर सहमति बनी है.वीएचपी के मॉडल के मुताबिक पहले ऊंचाई 138 फुट, लंबाई 268 फुट और चौड़ाई 140 फुट होनी थी. अब लंबाई लगभग उतनी ही रहेगी लेकिन ऊंचाई 161 फुट और चौड़ाई गर्भ गृह के पास कुछ बढ़ जाएगी.लेआउट की बात करें तो पहले आयताकार आकर था जिसको आर्किटेक्ट के मुताबिक क्रुसीफार्म आकर का किया जाएगा. आकार पहले 313×149 फुट था, जो अब 344×235 फुट होगी. शिखर की चोटी 138 फुट से बढ़ाकर 161 फुट किया जाएगा. क्षेत्रफल भी आकार के मुताबिक़ बढ़ेगा. इसके अलावा पत्थर की मात्रा पहले 2,43,000 घन फुट था, जो अब नए मॉडल के मुताबिक़ 3,75,000 घन फुट होगा.
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अगर परिस्थितियां सही रहीं तो तीन या साढ़े तीन साल में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा. उन्होंने कहा कि धन संग्रह और बाकी की ड्रॉइंग तैयार हो जाएंगी, तब से हम मानते हैं कि तीन से साढ़े तीन साल में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा. समतलीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि L&T मिट्टी की जांच के लिए सैंपल इकट्ठा कर रही है. जमीन के 60 मीटर नीचे की मजबूती को देखते हुए ही मंदिर की नींव डाली जाएगी. उन्होंने कहा कि आज की मीटिंग में यह तय हुआ है कि मंदिर के लिए टाइल्स सोमपुरा मार्बल ब्रिक्स की ओर से दिया जाएगा. लार्सन एंड टर्बो अपना काम करेगा और टाइल्स का काम सोमपुरा मार्बल्स करेगा.
