NPG स्पेशलःश्रमिकों के लिए CM भूपेश बघेल की संवेदनशीलता आई सामने….हेल्पलाइन पर आए फोन पर 68 लाख की सहायता, 15 लाख का एडवांस वेतन, राशन, भोजन, मास्क, सेनेटाईजर जैसी कई व्यवस्थाएं शुरू कराई सरकार ने

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रायपुर, 30 मार्च 2020। कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त और जरूरतमंद श्रमिकों को भोजन-पानी जैसी बुनियादी जरूरतें मुहैया कराने के लिए छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने संवेदनशील पहल करते हुए कई स्तर पर काम प्रारंभ कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्रम विभाग के अधिकारियों से खुद फीडबैक ले रहे हैं। उनकी संवेदनशीलता का इसी से पता चलता है कि श्रमिकों के लिए बनाए गए हेल्पलाइन पर आए फोन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जरूरतमंद श्रमिकों को 68 लाख की सहायता दिलाई है।
राज्य में सिर्फ असंगठित क्षेत्र के 32 लाख श्रमिक हैं। वहीं संगठित क्षेत्र के तीन लाख। याने 35 लाख की अधिकारिक संख्या है। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में ऐसे श्रमिक हैं, जिनका पंजीयन नहीं हुआ है।
सूत्र बताते हैं, मुख्यमंत्री ने अफसरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन में श्रमिकों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के लोकल श्रमिकों के लिए इंतजाम तो किए ही जाएं, दीगर राज्यों से लौटने वाले मजदूरों के लिए भी बंदोबस्त किया जाए। सीएम के निर्देश पर कलेक्टरों ने अपने प्रवासी श्रमिकों को रुकाने के लिए स्कूलों, छात्रावासों और विश्रामगृहों को उनके लिए रिजर्व कर दिया है। दूसरे राज्यों से लौटने वाले श्रमिकों को वहां भोजन-पानी के साथ ही मेडिकल सुविधाएं भी दी जाएगी।
सीएम ने श्रमिकों के लिए राहत कार्य ठीक ढंग से चल सके, इसलिए लेबर सिकरेट्री सोनमणि बोरा को कोआर्डिनेशन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही श्रम विभाग ने राज्य के साथ ही जिला स्तर पर हेल्पलाइन डेस्क बनाया है। सभी हेल्पलाइन के मोबाइल नम्बर जारी किये गए हैं। ताकि, श्रमिकों को कोई परेशानी आए तो हेल्पलाइन पर संपर्क कर मदद मांग सकें।
राज्य स्तर पर 24 घंटे संचालित हेल्पलाईन नम्बर 0771-2443809 और 91098-49992 में प्राप्त 413 सूचनाओं पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जरूरतमंद श्रमिकों को अब तक 68 लाख रूपए की सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के श्रमिकों को उनके प्रबंधकों के माध्यम से उनके खातों में 15 लाख रूपए एडवांस वेतन भी दिलाया गया है। श्रम विभाग द्वारा 2 हजार 957 जरूरतमंद श्रमिकों तक 214 किलो चावल और 10 किलो दाल भी पहुंचाया गया है। इस पहल से राज्य में स्थित विभिन्न कारखाना प्रबंधकों और ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिकों के लिए राशन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए करीब 57 लाख रूपए की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
श्रम विभाग के हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर श्रमिकों की समस्याओं को पंजीबद्ध कर तत्काल यथासंभव समाधान किया जा रहा है। रायगढ़ में श्रमिकों को 15 दिन के वेतन के बराबर एडवांस में 14 लाख 39 हजार 550 रूपए और कोरबा जिले में श्रमिकों को 60 हजार रूपए एडवांस सेलरी नियोजक द्वारा दिलवाया गया है।
श्रम विभाग के निरीक्षण टीम द्वारा विभिन्न कारखानों का निरीक्षण कर श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखे जाने के लिए परामर्श एवं निर्देश दिए जा रहे हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कारखानों एवं निर्माणाधीन भवनों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति के संबंध में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में निरीक्षण के पश्चात श्रमिकों के भोजन आदि के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा रायपुर जिलें के रांवाभाठा, सिलतरा, उरला, बोरझरा, जरवाय स्थित कारखानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा कारखाना प्रबंधन को श्रमिकों के पर्याप्त राशन-पानी उपलब्ध कराने, मास्क का उपयोग करने लोगों के बीच पर्याप्त दूरी बनाये रखने तथा इस संबंध में जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया। वहीं बलौदाबाजार जिले के रवान-हिरमी में कारखाना प्रबंधन को सभी ठेका एवं नियमित श्रमिकों को माह मार्च का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए, जहां कारखाना प्रबंधन द्वारा जल्द वेतन भुगतान करने का आश्वासन अधिकारियों को दिया गया। गरियाबंद जिले में लाईवलीवुड कॉलेज में कार्यरत श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर ही भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है। जिला धमतरी में कारखाना बंद है। महासमुन्द जिले के बेलसोंडा, बिरकोनी के कारखाना प्रबंधन को कारखाना परिसर के अंतर्गत निवासरत राज्य के बाहर के श्रमिकों के रहने एवं खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के चाम्पा, महुदा, अमझर सहित रायगढ़ जिले के कारखानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यरत समस्त श्रमिकों एवं कर्मचारियों को मास्क पहनने, सेनेटाईजर का उपयोग करने, साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही कारखाने के अंदर आने-जाने वाले निकटवर्ती गांवों में गरीब लोगों को खाने का पैकेट आदि वितरण की स्थिति का भी जायजा लिया। श्रमिकों के 15 दिन का वेतन पहले ही उनके खातों में जमा किया गया है। कारखाना के अंदर आने-जाने वाले श्रमिकों तथा कर्मचारियों का थर्मल मशीन द्वारा परीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। बस्तर (जगदलपुर) जिले के नगरनार में श्रमिकों के लिए पर्याप्त राशन आदि उपलब्ध कराने आदि निर्देशित किए गए हैं। दंतेवाड़ा जिले में कारखाना बंद है।
इसी प्रकार अधिकारियों द्वारा सरगुजा जिले के तुर्रापानी, लखनपुर और चिकलीहीडीह तथा उदयपुर, दुर्ग जिले के रसमड़ा, जामुल, बेमेतरा जिले के कुसमी, करेली, पिरदा और कवर्धा जिले के पण्डरिया, कवर्धा के कारखानों का भी नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान श्रमिकों के लिए पेट्रोल एवं भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ मास्क और सेनेटाईजर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने जारी नियमानुसार सामाजिक दूरी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं।

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