रायपुर 2 जनवरी 2021। साल 2020 से केंद्रीय योजनाओं में शुरू हुआ छत्तीसगढ़ सरकार की कामयाबी का डंका 2021 में भी बुलंद है। साल के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ के नाम नया कीर्तिमान जुड़ा। “मोर जमीन मोर आवास योजना” के लिए छत्तीसगढ़ को तीन अलग-अलग कैटेगरी में नेशनल अवार्ड मिला है। इससे पहले साल 2020 में छत्तीसगढ़ को अलग-अलग योजनाओं में दर्जनों नेशनल अवार्ड मिले हैं। साल 2021 के पहले दिन जिस तरह से छत्तीसगढ़ की अवार्ड के साथ शुरुआत हुई है, माना जा रहा है कि पूरा साल उपलब्धियों से भरा रहेगा। दरअसल प्रदेश में “मोर जमीन मोर आवास” को समावेशी मॉडल की तरह संचालित किया जा रहा है। गरीबों के लिए संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत समावेशी मॉडल “मोर जमीन-मोर आवास” का क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में शानदार तरीके से लिया गया। पूरे देश में अव्वल रही इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने अवार्ड नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया को दिया।

तीन श्रेणियों में मिले अवार्ड 

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिशन के 4 वर्ष पूरे होने पर PMAY-U और आशा अवार्ड के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को तीन श्रेणियों में अवार्ड प्राप्त हुए हैं। इस आनलाइन पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में विभागीय मंत्री डॉ. डहरिया, संयुक्त सचिव आर. एक्का, सूडा के सीईओ सौमिल रंजन चौबे एवं उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र पाटले उपस्थित थे।

मंत्री शिव डहरिया ने दिया धन्यवाद 

अवार्ड मिलने पर मंत्री डॉ. डहरिया ने नगरीय प्रशासन विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमत्री भूपेश बघेल को भी धन्यवाद दिया है। मंत्री डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में गरीबों को आवास देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हमारे द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर ही आज भारत सरकार द्वारा सम्मानति किया है। सबके लिए आवास योजना में सरकार के प्रयासों को सफलता का यह पहला पायदान बताया। छत्तीसगढ़ राज्य को देश का मार्गदर्शक राज्य बताते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हमेशा ही देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्वच्छता में भी हमारा राज्य लगातार देश का नंबर वन राज्य बना हुआ है और अब आवास योजना में भी हम देश के सामने आशा चढ़ी परवान जैसी परियोजनाओं के माध्यम से मिसाल कायम कर रहे हैं। ये समस्त छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरवान्वित होने का समय है।

इन श्रेणियों के लिए दिया गया अवार्ड 

बेस्ट कन्वर्जेंस विथ अदर मिशन की श्रेणी में छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार- मोर जमीन-मोर मकान घटक के अन्तर्गत हितग्राहियों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, अन्य योजनाओं का समावेश कर उनके सफल क्रियान्वयन हेतु ”बेस्ट कन्वर्जेंस विथ अदर मिशन“ की श्रेणी में छत्तीसगढ़ राज्य को उत्तम प्रदर्शन करने हेतु पुरस्कृत किया गया।

बेस्ट परफॉर्मिंग म्युनिसिपल काउंसिल श्रेणी में डोंगरगढ़ को मिला इनाम- नगर पालिका परिषद, डोंगरगढ़ को अधिक से अधिक आवास निर्माण पूर्ण करने पर देश में ”बेस्ट परफॉर्मिंग म्युनिसिपल काउंसिल श्रेणी“ में पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

बेस्ट हाउस कंस्ट्रक्शन श्रेणी में हितग्राहियों को मिला पुरस्कार- प्रदेश के तीन हितग्राही मंजू साहू (धमतरी), मुमताज बेगम (धमतरी), ममता वर्मा (कवर्धा) के आवासों को देश के ”बेस्ट हाउस कंस्ट्रक्शन श्रेणी“ में पुरस्कार प्राप्त हुए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर आवास जल्द बनकर हुआ तैयार

मुख्यमंत्री ने इस योजना को लेकर शुरू से ही संजीदगी दिखायी। फिर पट्टा वितरण हो या फिर हितग्राही प्रमाण पत्र तय वक्त में सब कुछ संभव किया गया।

  1. नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टा का वितरण
  2. आबादी भूमि के हितग्राहियों को पात्र हितग्राही प्रमाण पत्र वितरण
  3. कम समय में हितग्राहियों को किश्त प्राप्ति एवं आवश्यकता अनुरूप आसान किश्ते
  4. स्पेशल प्रोजेक्ट- सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासन ने स्पेशल प्रोजेक्ट की शुरुआत की। जिसका परिणाम रहा कि ये समुदाय अब विकास की मुख्यधारा से जुड़कर प्रगति की राह पर आगे बढ़ चले हैं।
  5. निकायों के बीच स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा कराने एवं निर्माण कार्य में शीघ्रता लाने के लिए राज्य स्तरीय मोर प्रदर्शन- मोर सम्मान प्रतियोगिता करायी गयी।

827 परियोजनाओं को योजनाओं से जोड़ा गया

इस योजना को राज्य सरकार ने प्राथमिकता में रखा था। लिहाजा 827 परियोजनाओं को अन्य योजनाओं से जोड़ा गया। जिसके परिणाम स्वरूप योजना का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो पाया।

  1. इस योजना से कुष्ठ पीड़ित या फिर भिक्षाटन कर जिंदगी गुजार रहे लोगों को सीधा लाभ मिला, उन्हें आवास उपलब्ध कराया गया।
  2. राज्य सरकार ने इलाज की भी निशुल्क व्यवस्था की और साथ ही इलाज की भी व्यवस्था की। साथ ही रहने के लिए पक्के आवास भी दिये गये।
  3. आत्मनिर्भरता के लिए रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराये गये। जो कभी सड़कों पर भिक्षाटन करते थे, उन्हें ई-रिक्शा दिया गया, ताकि वो खुद रोजगार कर अपना पेट पाल सके
  4. महिलाओं को लघु कुटीर से जोड़ा गया।
  5. बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया। साथ ही उनकी पढ़ाई की पूरी व्यवस्था की गयी।
  6. घरों में बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गयी।

 

प्रदेश में अभी तक 76 हजार से ज्यादा पक्के मकान बन चुके हैं। ये काम सिर्फ दो सालों में हुआ है। भूपेश सरकार की तरफ से इस योजना में किये गये कामों की बदौलत आज गरीबों के घर का सपना पूरा हो रहा है।