NPG ब्रेकिंग: 17 जवानों की तलाश में निकली टीम.. मौसम बना बड़ी बाधा……डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन निकली सर्चिंग पर..

रायपुर,22 मार्च 2020। राजधानी के क़रीब साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर सुकमा ज़िले के परपा गाँव के पास हुई मुठभेड़ के बाद लापता हुए DRG के सत्रह जवानों की सुबह तक वापसी नहीं हुई है। लिहाज़ा उनकी तलाश में बुर्कापाल कैंप से एसटीएफ कोबरा बटालियन और डीआरजी की टीम सर्चिंग पर निकली है। प्रभावित ईलाके में बारिश हो रही है, प्राकृतिक जटिलता और नक्सलियो की प्रभावी मौजुदगी की वजह से पहुँच वैसे ही सहज नहीं है, मौसम सफ़र को और मुश्किल कर रहा है।
कल जबकि चिंतागुफा और बुर्कापाल से डीआरजी की टीम सर्चिंग पर निकली थी तो साढ़े चार सौ की संख्या थी और वापसी के समय बटालियन नंबर एक से उनकी मुठभेड़ हुई।
डीआरजी और नक्सलियों की बटालियन नंबर एक से हुई इस मुठभेड़ के दौरान डीआरजी पांच टीमों में बंटी हुई थी, और पाँचों टीम पूरी बहादुरी से नक्सलियों के इस भीषण हमले का मुक़ाबला करती रहीं।
करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मुठभेड़ के बाद 14 जवान घायल थे। वहीं नक्सलीयों से लोहा ले रही पाँचों टीम ने साथियों को साथ नहीं पाया। मुठभेड़ के बाद घायल जवानों को पहले स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए जाने का फ़ैसला लिया गया और टीम वापस कैंप लौटी।
DRG स्थानीय लड़ाकों की प्रशिक्षित टीम को कहा जाता है। स्थानीय होने की वजह से वे इलाक़े और माओवादियों को बेहतर जानते हैं। हालिया मुठभेड़ों में पुलिस की सफलता का बेहतर प्रतिशत इसी DRG की वजह से हुआ, यह माना जाता है।बेहतर घायलों को प्राथमिकता देने का फ़ैसला भी इस वजह से लिया गया।
यह उम्मीद थी कि देर रात या सुबह तक लापता सत्रह जवान वापस कैंप आ जाएँगें, लेकिन वे नहीं लौटे, जिसके बाद फैसला किया गया कि सर्चिंग टीम रवाना की जाए।
सर्चिंग टीम रवाना हो चुकी है, और यह माना जा रहा है कि करीब 11 बजे के आसपास लापता जवानों को लेकर निर्णायक खबर मिल जाएगी।

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