अब पुरानी मिठाई नहीं बेच सकेंगे दुकानदार, 1 अक्टूबर से नियम लागू….दुकानदार को बतानी होगी ग्राहक को यह बात

नईदिल्ली 28 सितम्बर 2020. बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों के इस्तेमाल की समय सीमा अब कारोबारियों को बतानी होगी. कितने समय तक उसका इस्तेमाल ठीक रहेगा उसकी समयसीमा की जानकारी उपभोक्ताओं को देनी होगी. खाद्य नियामक ने इसे अनिवार्य किया है. खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों के तहत खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए एक अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर इस्तेमाल करने की उचित समय सीमा प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है.

एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को लिखे पत्र में कहा, ” सार्वजनिक हित में और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये यह तय किया गया है कि खुली मिठाइयों के मामले में बिक्री के लिए आउटलेट पर मिठाई रखने वाली ट्रे के साथ एक अक्टूबर 2020 से अनिवार्य रूप से उत्पाद की ‘बेस्ट बिफॉर डेट’ प्रदर्शित करनी चाहिए. एफएसएसएआई ने यह भी कहा कि विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के उपयोग की बेहतर समयसीमा के बारे में उसके वेबसाइट पर भी सांकेतिक रूप से जानकारी दी गई है.

सरसों तेल की प्योरिटी पर क्या कहा 
आम घरों में इस्तेमाल होने वाले सरसों तेल में किसी दूसरे खाद्य तेलों की मिलावट करने पर 1 अक्ट्रबर से पूरी तरह रोक लगा दी गई है. खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने इस बारे में आदेश जारी किया है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को लिखे एक पत्र में, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने कहा है, ‘‘भारत में किसी भी अन्य खाद्य तेल के साथ सरसों तेल के मिक्सिंग पर एक अक्टूबर, 2020 से पूरी तरह रोक होगी.’’

ये है नियम
नियमों के अनुसार, दो खाद्य तेलों को मिलाने की अनुमति है लेकिन इसमें उपयोग में लाए गये किसी भी खाद्य तेल का अनुपात वजन के लिहाज से 20 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए. नियामक ने कहा कि अब भारत सरकार ने सोच विचार के बाद एफएसएसएआई को सरसों में कोई भी दूसरा तेल मिलाने पर रोक लगाने को कहा है. सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक हित में घरेलू खपत के लिये शुद्ध सरसों तेल के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.

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