कोरबा में 48 घंटे में एक भी केस नहीं, CM भूपेश ने वीडियोकांफ्रेंसिंग में कलेक्टर किरण कौशल को बोले…वेरी गुड, फूड सप्लाई सिस्टम की तारीफ

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कोरबा 16 अप्रेल 202। कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए प्रभावी और संवेदनशील इंतजामों पर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टरों की वीडियो कांफें्रसिंग में कोरबा कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल की जमकर तारीफ की। पिछले 48 घंटों में एक भी नया केस नहीं निकलने और दस संक्रमितों के स्वस्थ्य होकर घर वापसी पर कोरबा कलेक्टर को सीएम ने वेरीगुड कहा। आज भूपेश बघेल ने शाम पांच बजे से सभी 28 जिलों के कलेक्टरों से कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए जिलों में किये गये इंतजामों की गहन समीक्षा की और लॅाक डाउन को कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि कटघोरा में एकबारगी तो संक्रमितों की बढ़ती संख्या से चिंता हो गई थी परंतु जिस तरह से कलेक्टर किरण और एसपी अभिषेक ने स्थिति को सम्हाला है वह काबिले तारीफ है। सीएम ने विशेष रूप से लॅाक डाउन का कड़ाई से पालन कराते हुए लोगों को ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी जरूरी चीजों की सप्लाई समय पर पर्याप्त मात्रा में करने का मजबूत सिस्टम बनाने को सराहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आशा ही नहीं विश्वास है कि आने वाले दिनों में भी पूरी तत्परता से दोनों मुस्तैद रहेंगे और हम जल्द ही कोरोना की जंग जीत लेंगे। छत्तीसगढ़ कोरोना फ्री स्टेट हो जायेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले के कटघोरा में पिछले 24 घंटों में एक भी कोरोना का केस रिपोर्ट नहीं हुआ है जबकि कोरोना के लिए 170 हाट स्पाट जिलों में लगातार पाजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। देश की पांच बड़ी सुविधा संपन्न मेट्रो सिटी भी कोविड-19 के फैलाव को नियंत्रित नहीं कर पा रही हैं। अकेले आज ही देश में 660 मरीज बढ़ गये हैं। ऐसी स्थिति में कटघोरा में पिछले 48 घंटों में एक भी पाजिटिव केस नहीं आने और अब तक किसी भी संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु नहीं होने को छत्तीसगढ़ में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कटघोरा में लॅाक डाउन का कड़ाई से पालन कराने के साथ ही किसी भी परिस्थिति में लोगों को घर से बाहर निकलने की मनाही है। कलेक्टर किरण कौशल ने यहां अति आवश्यक वस्तुओं की घर पहुंच सेवा शुरू की है। लोगो तक जरूरत के सामान राशन दवाई आदि पहुंचाने के लिए दुकानदारों के वाट्सअप ग्रुप बनाकर आर्डर लिया जा रहा है। इसके बाद सभी मिले ऑर्डरों पर यथाशीघ्र 60 वालंटियरों की एक बडी टीम के माध्यम से होम डिलवरी दी जा रही है। राशन कार्ड धारकों को खाद्य विभाग के अधिकारियों ने घर पहुंचाकर दो महीने का राशन दिया है।
दरअसल, कोरबा सहित पूरे प्रदेश के लिए राहत भरी खबर है कि पिछले 48 घंटे में जहां कटघोरा में कोरोना का एक भी मरीज सामने नही आया है, वही पिछले 72 घंटे में रायपुर एम्स से 13 कोरोना पॉजिटिव मरीज पूरी तरह से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके है।
ये मुमकीन हो सका है रायपुर एम्स के डाक्टरो की कड़ी मेहनत के साथ ही हॉट-स्पाट बन चुके कटघोरा में डटे पुलिस और जिला प्रशासन के जज्बे से …….जीं हां कोरबा कलेक्टर किरण कौशल और एस.पी.अभिषेक मीणा की मेहनत का ही नतीजा है कि कटघोरा के मस्जिद पारा इलाके में जानलेवा कोरोना का संक्रमण महज 100 मीटर के दायरे में ही सिमट कर रह गया। यहीं वजह है कि आज रायपुर एम्स में सिर्फ 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज बचे है, जिनका स्वास्थ काफी बेहतर बताया जा रहा है।
आपको बता दे कि कोरबा के कटघोरा कस्बे में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 4 अप्रैल को सामने आया था। जिसमें 16 साल के नाबालिंग जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। कटघोरा के जामा मस्जिम में रूके 16 जमातियों में एक की रिपोर्ट पाजिटिव आने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन ने जमातियों से मिलने वाले लोगों की ट्रेव्हल हिस्ट्री खंगालनी शुरू कर दी और समय को बर्बाद किये बगैर ही पूरे कटघोरा को शील कर संक्रमित नाबालिंग के संपर्क में आने वाले लोग और उनके परिवार को होम आईसोलेशन में भेज दिया गया।
कलेक्टर किरण कौशल ने बस्ती में कोरोना संक्रमण का फैलाव तेज़ी से ना हो इसकी माकूल तैयारी कर ली थी, और समय रहते छुरी के एकलव्य विद्यालय सहित एसईसीएल गेवरा के हॉस्टल और रशियन हॉस्टल को क्वारेंटाईन सेंटर बनाकर संक्रमितो के संपर्क में आने वाले लोगो को सबसे पहले कटघोरा क्षेत्र से बाहर निकालकर क्वारेनटाईन किया गया। ताकि ऐसे संदिग्ध लोगो से बस्ती में संक्रमण ना फैल सके। यहीं वजह है कि पूरे छत्तीसगढ़ में कोरोना का हॉट-स्पाट बन चूके कटघोरा में भले ही 4 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच कोरोना के 24 मरीज संक्रमित मिले हो, लेकिन ये सभी कोरोना प्रभावित क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे के ही है। मतलब साफ है जिस रणनीति के साथ अफसरों ने कटघोरा का मोर्चा संभाला उसका सुखद पहलू ही है कि करीब 26 हजार की आबादी वाले कटघोरा में कोरोना का संक्रमण महज 100 मीटर के दायरे में ही सिमट कर रह गया। वहीं एम्स से लगातार मरीजों के ठीक होने की खबर जिस तरह से सामने आ रही है, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में कोरबा के कटघोरा से कोरोना संक्रमित मरीज नही मिलते है तो छत्तीसगढ़ कोरोना फ्री स्टेट हो सकता है।

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