NHMMI ने की ट्रांसकैथेटर ऑर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन…. 58 वर्षीय पुरुष को मिली बेहतर जीवन की उम्मीद

रायपुर 31 अगस्त 2020. ट्रांसकैथेटर ऑर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई) ऑर्टिक स्टेनोसिस के इलाज की क्रांतिकारी तकनीक है जो खराब हुए ऑर्टिक वाल्व को भी ठीक करने में मदद करती है। ऑर्टिक स्टेनोसिस दरअसल ऑर्टिक वाल्व के सिकुड़ जाने पर होने वाली समस्या है, और इसके सिकुड़ने के कारण वाल्व पूरी तरह से खुल पाने में असमर्थ होता है, जिसके कारण यह घट जाता है या खून के संचार को हृदय से मेन आर्टरी तक और फिर पूरे शरीर में जाने से रोक देता है। यह एक प्रकार की जीवन जोखिम में डालने वाली अवस्था है, जो आगे चलकर हार्ट फेलियर तक की स्थिति पैदा कर सकती है इसलिए इसका तुरंत इलाज शुरू होना बेहद ज़रूरी है। वे लोग जिनको ओपन हार्ट सर्जरी से किसी प्रकार का जोखिम है उनके लिए टीएवीआई एक प्रकार का मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर है जो जीवन बचा लेने के विकल्प जैसा है।

एनएच एमएमआई, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर ने 58 वर्षीय मरीज़ पर सफलतापूर्वक यह प्रोसीजर किया जिनकी किडनी की समस्या, सांस लेने में तकलीफ, हाई ब्लड शुगर जैसी समस्याओं की हिस्ट्री थी। बीते दस सालों से मरीज़ को सांस लेने में तकलीफ, थकान, फेटीग आदि का सामना करना पड़ रहा था, लोकल ट्रीटमेंट के बावजूद उनकी अवस्था में कोई सुधार नज़र नहीं आया। सांस लेने में तकलीफ की बढ़ने लगी तो वे एनएच एमएमआई, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर में इलाज करवाने आए। डॉक्टर सुमंत शेखर पधि, कंसल्टेंट, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एनएच एमएमआई, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर ने मरीज़ के तमाम शारीरिक समस्याओं की हिस्ट्री के अनुसार जांच की जिसमें इकोकार्डियोलॉजी (ईसीएचओ) भी शामिल है, जिसमें उनके कैल्सिफिक ऑर्टिक वाल्व की गंभीर अवस्था का पाता चला। एनएच एमएमआई, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर के एक्सपर्ट कार्डियोलॉजिस्ट्स की टीम ने मरीज़ की उम्र और तमाम अन्य शारीरिक दिक्कतों को ध्यान में रख कर टीएवीआई करने का निर्णय लिया। पूरी प्रक्रिया सफल रही और मरीज़ खतरे से बाहर आ गया।

डॉक्टर सुमंत शेखर पधि, कंसल्टेंट, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एनएच एमएमआई, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर ने कहा कि, “मरीज़ को क्रिटिकल कैल्सिफिक ऑर्टिक वाल्व और अन्य संबंधित समस्याओं जैसे श्वसन में समस्या, हर्निया आदि से डाईग्नोज़ किया गया। यह स्थिति एक तरह की मेडिकल इमरजेंसी की तरह है जिसमें तुरंत डाईग्नोसिस और इलाज शुरू हो जाने की ज़रूरत होती है, क्योंकि समय पर डाईग्नोज़ न होने और जल्दी इलाज न मिलने पर इस स्थिति की मृत्युदर बहुत ज्यादा देखने मिली है।” (किडनी, फेफड़ों की समस्या ऑर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट की सर्जरी के दौरान जटिलताएं पैदा कर सकती है)

मरीज़ ने नएच एमएमआई, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर की कार्डियोलॉजिस्ट्स की टीम के प्रति धन्यवाद प्रकट किया, उन्होंने कहा कि, “मैं अपनी बीमारी के ऐसे किसी प्रोसीजर के बारे में नहीं जानता था जिसके तहत सीने की बिना किसी चीर फाड़ के भी इलाज हो सकता है। यह प्रोसीजर मेरे लिए वरदान साबित हुआ। मैं कार्डियोलॉजिस्ट की टीम को शुक्रिया कहना चाहता हूँ जिन्होंने न केवल मेरी जान बचाई बल्कि बेहतर जिंदगी की राह भी खोली।“

ठीक इन्हीं मरीज़ की तरह भारत में ऐसे बहुत से मरीज़ हैं जो इस जीवनदायक प्रोसीजर के बारे में नहीं जानते। भारतीय जनसंख्या पर पश्चिमी उपस्थित डाटा की यदि बात करें तो तकरीबन 2.5 से 3 लाख एएस के मरीजों को इस प्रोसीजर की ज़रूरत हो सकती है। यह यूरोप और उत्तरी अमेरिका के आंकड़ों के जोड़ से भी अधिक है।

एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशेलिटी अस्पताल के बारे में:-

नारायणाहेल्थ ने अगस्त 2011मेंरायपुर और छत्तीसगढ़ के लोगों को किफायती उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से एमएमआई हॉस्पिटल्स का मैनेजमेंट टेक ओवर किया।एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुरतब अस्तित्व में आया जब पुराने अस्पताल को आधुनिक ऑपरेशन थिएटरों, और बेस्ट क्लिनिकल सेवाओं के साथ स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट इक्विपमेंट और फैसिलिटी केसाथ बदल दिया गया। रायपुर के सबसे शांत इलाकों में से एक जगहपर स्थित होने के बावजूद यह जल्दी ठीक होने के लिए आदर्श है।

एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशेलिटी अस्पताल, रायपुर को मरीजों को किफायती दामों पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए डॉक्टरों की मदद के लिए सर्वश्रेष्ठ आधारभूत सुविधाओं और तकनीकों को उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अधिगृहित किया गया था, ताकि मरीजों को मेट्रो सिटीज में जाने की ज़रूरत न पड़े।अस्पताल की मध्य भारत के टॉप अस्पतालों में होने की पुष्टि के लिए- नारायणा हेल्थ ग्रुप द्वारा की जाने वाली सर्वश्रेष्ठ प्रैक्टिसेज, स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स, स्टाफ की सर्वश्रेष्ठ सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर को इस अस्पताल में लागू किया गया है। 

नारायणा हेल्थ के बारे में:-

सवास्थ्य जगत की सभी सुपरस्पेशलिटी टरशरी केयर फैसिलिटी के साथ नारायणा हेल्थ वन स्टेप डेस्टिनेशन है। डॉक्टर देवी शेट्टी द्वारा फंडेड और बंगलूरु में स्थित नारायणा हेल्थ ग्रुप ऑपरेशनल बेड काउंट के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुविधाएँ देने वाली इकाई है। साल 2000 में सबसे पहले तकरीबन 225 बेड्स के साथ एनएच हेल्थ सिटी की बंगलूरु में बुनियाद रखी गई थी। और अब पूरे देश में 23 अस्पतालों के नेटवर्क के साथ 7 हार्ट सेंटर और देश से बहार केमन आइलैंड में 6200 से अधिक ऑपरेशनल बेड्स के साथ और अपने सभी सेंटरों में 7300 बेड्स की क्षमता के साथ मल्टीस्पेशेलिटी, टरशरी और प्राथमिक स्वास्थय सुविधाएँ दे रहा है।

 

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