शिक्षा जगत की खबरें : साइंस के प्रति जागरूक करने इन पांच जिलों के स्कूल का हुआ चयन….राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के चयनित जिलों में बनेगा थीम अधारित केंद्र…

रायपुर 5 दिसम्बर 2019। विज्ञान की पढ़ाई को रोचक बनाने और लोगों में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने के लिए राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत इस वर्ष पांच जिलों बस्तर, महासमुंद, दुर्ग, बिलासपुर और सूरजपुर का चयन किया गया है। इन जिलों में स्कूली छात्रों और शिक्षकों के साथ विषय-विशेषज्ञों का दल गठित कर प्रदर्शन केन्द्र बनाए जाएंगे। इन प्रदर्शन केन्द्रों में रोचक ढंग से विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों और नियमों को प्रस्तुत किया जाएगा। इससे बच्चों को विज्ञान पढ़ने में आसानी होगी। साथ ही आम लोगों में भी विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ेगी।

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राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के तहत जिला बस्तर में स्थानीय परंपराओं में निहित विज्ञान पर आधारित म्यूजियम, महासमुंद में विज्ञान शिक्षण को रोचक बनाने विभिन्न सहायक शिक्षण सामग्री, उपकरण, दुर्ग में खेल-खिलौने का उपयोग कर विज्ञान एवं गणित की समझ विकसित करना, बिलासपुर में गणित एवं विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी, सूरजपुर जिले में विभिन्न प्रकार के अंधविश्वासों को दूर करने गतिविधियों का स्टाक की थीम के आधार पर विशेषज्ञ दल का गठन कर केन्द्र को विकसित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन सुलभ करवाना है।

प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा श्री पी. दयानंद ने चयनित पांचों जिलों के कलेक्टरों को यथाशीघ्र केन्द्र विकसित किए जाने और विभिन्न जिलों में थीम पर आधारित कार्यों में सहयोग देने के इच्छुक शिक्षकों की सूची बनाकर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि केन्द्र तैयार होते ही इन केन्द्रों की एक्सपोजर भ्रमण एवं संसाधन सहयोग के लिए भेजा जा सके। इन केन्द्रों को विकसित करने वहां के चयनित लर्निंग कम्युनिटी के शिक्षक राज्य के बाहर या भीतर अध्ययन हेतु जाने का प्रस्ताव भी दे सकते हैं, ताकि बेहतर मॉडल तैयार किए जा सके।

इन जिलों के कलेक्टरों से कहा गया है कि जिले में थीम के आधार पर एक समिति का गठन किया जाए, जो कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्त्रोतों, संसाधनों की पहचान कर योजना तैयार कर सकें। समिति में स्कूल शिक्षा विभाग के साथ-साथ विश्वविद्यालय और अन्य विभागों के साथ-साथ विशिष्ठ क्षेत्र में सहायता करने के इच्छुक लोगों को अधिक से अधिक जोड़ा जाए। प्रदर्शन स्थल का चयन स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर किया जा सकता है। रख-रखाव और नियमित संचालन के लिए कुशल एवं इच्छुक टीम चयनित की जाए जो कौशल के साथ इस कार्य को बढ़ावा देने के लिए समय दे सकें। केन्द्र में चयनित थीम से संबंधित सामग्री की उपलब्धता के लिए विभिन्न जिलों से एक्सपोजर की व्यवस्था की जाएगी। चयनित थीम के अनुसार निरंतर विकास और स्त्रोत के कुशल और सक्रिय प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी हो, जो उस क्षेत्र में लगातार स्त्रोत कर अधिक से अधिक सामग्री उपलब्ध करवा सके। केन्द्रों में समय-समय पर संगोष्ठियां, कार्यशालाओं का आयोजन कर जानकारियों का आदान-प्रदान एवं ज्ञान का विस्तार के अवसर उपलब्ध कराया जाएं। केन्द्र में विभिन्न विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाए।

पांचों जिलों में गणित, विज्ञान से संबंधित प्रदर्शन स्थल तैयार किए जाने हैं। जिसे अन्य जिलों के शिक्षक वहां जाकर देखते हुए कुछ नई बातें सीखेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में इसका विस्तार करेंगे। प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा श्री पी. दयानंद ने इस संबंध में इन जिलों के कलेक्टरों को कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए एक सक्रिय विशेषज्ञ टीम का गठन कर उपयुक्त स्थल का चयन कर उसके निरंतर संचालन और विकास के लिए ठोस योजना बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से शीघ्र क्रियान्वयन करवाने कहा है।

 

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