ब्रेकिंग-परीक्षा को लेकर नयी गाइडलाइन : कोरोना संक्रमित परीक्षार्थियों को छोड़नी होगी परीक्षा, केंद्र से स्वास्थ्य केंद्र में कराया जायेगा भर्ती…. पेपर लेने और देने से पहले सेनेटाइज करना होगा, थूक लगाकर पेपर नहीं पलट पायेंगे.. देखिये और क्या-क्या है गाइडलाइन

नयी दिल्ली 12 सितंबर 2020। कोरोना काल में लंबे इंतजार के बाद अब परीक्षा का दौर शुरू हो रहा है। JEE की परीक्षा के बाद अब नीट और फाईनर ईयर एग्जाम की बारी है। देशभर में 13 सितंबर को NEET परीक्षा आयोजित होने जा रही है. कोरोना काल में पेन पेपर बेस्ड ये परीक्षा देश की राष्ट्रीय परीक्षाओं में से सबसे बड़ी है. इसके अलावा देश भर में यूजीसी के फाइनल एग्जाम, नेट सहित तमाम एग्जाम कतार में है. इन सभी परीक्षाओं में शामिल हो रहे किसी उम्मीदवार में अगर कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं, तो वो कैसे देगा एग्जाम, एग्जाम हाल की क्या हैं तैयारियां, जानिए  स्वास्थ्य मंत्रालय की नई रिवाइज्ड गाइडलाइन में क्या है नया.

हेल्थ मिनिस्ट्री की रिवाइज्ड गाइडलाइंस में NEET सहित सभी परीक्षाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं. इसके अनुसार कोरोना के एसिम्टोमैटिक और सिम्टोमैटिक पेशेंट दोनेां के लिए अलग अलग प्रोटोकॉल तय किए गए हैं. इसके अनुसार अब एसिम्टोमैटिक स्टाफ और छात्रों को एग्जाम‍िनेशन हॉल में आने की अनुमत‍ि होगी.

वहीं सिम्टोमैटिक अभ्यर्थी को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में भेजे जाने के निर्देश हैं. हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा है कि जिन उम्मीदवारों में कोरोना के सिंप्टम्स हैं उन्हें अन्य साधनों के माध्यम से परीक्षा देने का अवसर दिया जाना चाहिए. इसके लिए विश्वविद्यालय / शैक्षणिक संस्थान छात्र को शारीरिक रूप से फिट घोषित होने पर ही बाद की तारीख में परीक्षा लेने की व्यवस्था करेगा.

हालाँकि, यदि किसी छात्र में कोविड 19 का लक्षण पाया जाता है, तो इस तरह के मामलों में अनुमति या अस्वीकृति, परीक्षा आयोजित करने वाले प्राधिकारियों द्वारा इस मुद्दे पर पहले ही बताई गई नीति के अनुसार दी जाएगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस रिवाइज्ड एसओपी के अनुसार अब उन्हीं परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराने की अनुमत‍ि है जो कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं. कटेंनमेंट जोंस के कर्मचारी और परीक्षार्थ‍ियों को एग्जाम हॉल में बैठने की अनुमत‍ि नहीं है. ऐसे परीक्षार्थियों को अन्य माध्यमों से परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा या विश्वविद्यालय / शैक्षिक संस्थान / एजेंसी इस संबंध में उचित उपायों पर विचार कर सकते हैं.

SOP के अनुसार पेन और पेपर आधारित परीक्षणों के लिए, प्रश्न-पत्र / उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण से पहले इनविजिलेटर अपने हाथों को सैनिटाइज करेंगे. इसके अलावा परीक्षार्थी भी आंसर शीट या क्वेश्चन पेपर प्राप्त करने से पहले अपने हाथों को साफ करेंगे और उन्हें वापस पर्यवेक्षकों को सौंपने से पहले भी सैनिटाइज करेंगे.

72 घंटे बाद खुलेंगी आंसर शीट 

हर स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रह और पैकिंग में हैंड सैनिटाइज करना जरूरी किया गया है. उत्तर पुस्तिकाओं को जमा कराने के 72 घंटे के बाद ही खोलने की अनुमत‍ि होगी.

कॉपी बांटने-गिनने में न यूज करें थूक

शीटों की गिनती या उन्हें बांटने के लिए किसी भी तरह थूक / लार के उपयोग की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा व्यक्तिगत सामान / स्टेशनरी साझा करने की अनुमति नहीं होगी. ऑनलाइन / कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए, परीक्षा से पहले और बाद में अल्कोहल वाइप्स का उपयोग करके सिस्टम को कीटाणुरहित किया जाएगा.

नीट परीक्षा के एडमिट कार्ड में इस साल कुछ बदलाव किए गए हैं. बता दें कि इस साल एडमिट कार्ड में सोशल डिस्टेंसिंग और COVID-19 से संबंधित अन्य गाइडलाइन दर्ज होंगी. इसके अलावा उनके एडमिट कार्ड पर ही परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्टिंग करने का टाइम स्लॉट भी दिया जा रहा है ताकि वो अपने स्लॉट के अनुसार प्रवेश करें.

बता दें कि NEET Exam को लेकर देशभर से छात्रों ने सरकार से मांग की थी परीक्षा को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया जाए, लेकिन सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला. सुप्रीम कोर्ट में भी डाली गई याचिका के बाद कोर्ट ने सरकार के फैसले को हरी झंडी दी थी. शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा था कि परीक्षा तय समय पर होगी. तारीखों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा. सरकार जानती है कि परीक्षा का आयोजन कोरोना संकट के बीच किया जा रहा है. ऐसे में परीक्षा केंद्र पर सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ख्याल रखा जाएगा. क्योंकि हमारे लिए हर छात्र की सेहत महत्वपूर्ण है.

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