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वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भारी बवाल: मालदा में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर 9 घंटे बंधक, न खाना मिला न पानी, सुप्रीम कोर्ट सख्त; कहा- 'हमें पता है उपद्रवी कौन हैं'

WB Malda Hostage Crisis: मालदा में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को 9 घंटे बंधक बनाने पर सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकार लगाई। कहा- राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। पूरी खबर पढ़ें।

वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भारी बवाल: मालदा में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर 9 घंटे बंधक, न खाना मिला न पानी, सुप्रीम कोर्ट सख्त; कहा- हमें पता है उपद्रवी कौन हैं
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By Ragib Asim

नई दिल्ली 2 अप्रैल 2026। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर (न्यायिक अधिकारियों) को बंधक बनाए जाने की घटना पर कड़ा रुख अपना लिया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की बेंच ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ढह गई है। कोर्ट ने गृह सचिव और डीजीपी से अधिकारियों की सुरक्षा में हुई है और इस चूक पर जवाब तलब किया है।

9 घंटे तक बिना खाना-पानी बंधक रहे अधिकारी

घटना बुधवार की है जब SIR (Special Intermediary Revision) प्रक्रिया से जुड़े 7 न्यायिक अधिकारी मालदा के बीडीओ ऑफिस पहुंचे थे। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने का विरोध कर रही हजारों की भीड़ ने ऑफिस को घेर लिया और अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा- अधिकारियों को खाना और पानी तक नहीं लेने दिया गया। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है जिसका मकसद चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है।

आधी रात को हुआ रेस्क्यू, गाड़ियों में तोड़फोड़

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने रात 11 बजे तक घेराव जारी रखा। जब पुलिस और सुरक्षाबलों ने अधिकारियों को निकालने की कोशिश की तो भीड़ ने उनकी गाड़ियों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया और शीशे तोड़ दिए। CJI ने कोर्ट में कहा कि वे खुद रात 2 बजे तक स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे थे और स्थानीय कलेक्टर रात 11 बजे तक मौके पर मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, अधिकारी सुरक्षित होने चाहिए।

क्यों सुलग रहा है मालदा?

विवाद की जड़ वोटर लिस्ट से जुड़े 'SIR प्रोसेस' में है। आरोप है कि मालदा सहित सीमावर्ती जिलों में बिना नोटिस दिए हजारों लोगों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। मालदा के करीब 100 गांवों में इसका असर देखा जा रहा है। इसी के विरोध में गुरुवार को भी नेशनल हाईवे-12 (NH-12) पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर आगजनी की और रास्ता जाम कर दिया।

राजनीतिक घमासान तेज

इस घटना पर सियासत भी गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसके लिए चुनाव आयोग और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। वहीं बीजेपी ने इसे 'जंगल राज' करार देते हुए आरोप लगाया कि ममता सरकार रोहिंग्याओं के अधिकारों की रक्षा में लगी है जिसकी वजह यह हालत पैदा हुई है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में राज्य के शीर्ष अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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