Begin typing your search above and press return to search.

कौन हैं सीपी राधाकृष्‍णन? ज‍िन्‍हें NDA ने बनाया उपराष्‍ट्रपत‍ि पद का उम्मीदवार, खुद PM मोदी ने लगाई उनके नाम पर मुहर

CP Radhakrishnan Biography Hindi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया।

कौन हैं सीपी राधाकृष्‍णन? ज‍िन्‍हें NDA ने बना दिया उपराष्‍ट्रपत‍ि पद का उम्मीदवार, खुद PM मोदी ने लगाई उनके नाम पर मुहर
X
By Ragib Asim

CP Radhakrishnan Biography Hindi: BJP ने महाराष्ट्र के राज्यपाल CP राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में हुई BJP की बैठक में लिया गया। पार्टी अध्यक्ष JP नड्डा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी। दरअसल जगदीप धनखड़ ने पिछले महीने स्वास्थ्य की वजह से उपराष्ट्रपति का पद छोड़ दिया था। इस वजह से नया चुनाव कराना पड़ रहा है। चुनाव 9 सितंबर को होगा और नामांकन भरने की आखिरी तारीख 22 अगस्त है।

कैसे हुआ फैसला?

JP नड्डा ने बताया कि सभी गठबंधन के दलों से बात की गई। सबकी राय ली गई और फिर PM मोदी की अगुवाई में बैठक हुई। इस बैठक में सभी ने मिलकर CP राधाकृष्णन का नाम तय किया। नड्डा ने यह भी कहा कि उम्मीद है विपक्ष भी इनका साथ देगा।

कौन हैं CP राधाकृष्णन?

चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन यानी CP राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था। अभी वे 66 साल के हैं और महाराष्ट्र के राज्यपाल का काम संभाल रहे हैं। 31 जुलाई 2024 को उन्हें यह पद मिला था। इससे पहले वे झारखंड के राज्यपाल थे। वहां उन्होंने करीब डेढ़ साल तक काम किया। इसके अलावा तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी भी संभाली।

राजनीति में कैसे आए

राधाकृष्णन की राजनीति में शुरुआत बहुत जल्दी हो गई थी। 1974 में सिर्फ 17 साल की उम्र में वे RSS के स्वयंसेवक बने। उसी साल भारतीय जनसंघ की राज्य कमेटी में भी शामिल हुए। 1996 में BJP तमिलनाडु के सचिव बने।

फिर 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए। यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। 2004 में संयुक्त राष्ट्र की सभा में भारत की तरफ से गए और वहां भाषण भी दिया। ताइवान की पहली संसदीय यात्रा में भी शामिल हुए थे।

2004 से 2007 तक वे BJP तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष रहे। बाद में 2020 से 2022 तक Kerala में BJP के प्रभारी का काम किया। 18 फरवरी 2023 को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया।

खेल में भी रुचि

राजनीति के अलावा राधाकृष्णन को खेल का भी शौक है। कॉलेज के जमाने में टेबल टेनिस के चैंपियन थे। लंबी दूरी की दौड़ में भी अच्छे थे। क्रिकेट और वॉलीबॉल भी पसंद है। यह सब बातें महाराष्ट्र राजभवन की वेबसाइट पर लिखी हैं।

उपराष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य वोट डालते हैं। अभी NDA के पास बहुमत है। इसलिए राधाकृष्णन की जीत पक्की लग रही है। अगर विपक्ष भी साथ देता है तो यह और भी अच्छी बात होगी। राधाकृष्णन का राज्यपाल के रूप में अच्छा रिकॉर्ड है। वे निष्पक्ष रूप से काम करते हैं। इसलिए सभी दल उन्हें पसंद कर सकते हैं।

दक्षिण भारत की नुमाइंदगी

तमिलनाडु से आने वाले राधाकृष्णन का चुनाव एक अच्छी बात है। इससे दक्षिण भारत की अच्छी नुमाइंदगी होगी। BJP भी दक्षिण के राज्यों के साथ अच्छे रिश्ते बनाना चाहती है। राधाकृष्णन का करीब 50 साल का राजनीतिक अनुभव है। संसद की कार्यप्रणाली भी अच्छी तरह समझते हैं।

राधाकृष्णन एक संपूर्ण व्यक्तित्व के मालिक हैं। राजनीति के साथ-साथ खेल में भी रुचि है। पढ़ाई-लिखाई अच्छी है। विनम्र स्वभाव के हैं। राज्यपाल के रूप में अच्छा काम किया है। ये सभी बातें उन्हें उपराष्ट्रपति के लिए एक अच्छा उम्मीदवार बनाती हैं।

आगे क्या होगा

अब 22 अगस्त तक नामांकन भरे जाएंगे। 9 सितंबर को चुनाव होगा। अगर कोई और उम्मीदवार नहीं आया तो राधाकृष्णन बिना चुनाव के भी जीत सकते हैं। लेकिन चुनाव हो या न हो, उनकी जीत तय लग रही है। इस चुनाव से BJP को दक्षिण भारत में और भी फायदा हो सकता है। राधाकृष्णन का व्यक्तित्व सभी को पसंद है। उनके उपराष्ट्रपति बनने से देश की संसदीय परंपरा और मजबूत होगी।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story