US Iran Talks: पाकिस्तान में आमने सामने अमेरिका और ईरान, छावनी में तब्दील हुआ इस्लामाबाद, जेडी वेंस और गालिबाफ के बीच होगी चर्चा, जानें क्या हैं दोनों की शर्तें?

US Iran Talks: वेस्ट एशिया में लगातार जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के टॉप प्रतिनिधिमंडलों के बीच आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत शुरू हो रही है। इस अहम बैठक के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ अपनी अपनी टीमों के साथ इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। दशकों की दुश्मनी के बाद हो रही इस आमने सामने की वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
वार्ता से पहले ट्रंप और जेडी वेंस की चेतावनी
इस बातचीत के शुरू होने से पहले ही अमेरिका ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरानियों को शायद यह एहसास नहीं है कि उनके पास इंटरनेशनल वॉटरवेज का इस्तेमाल करके दुनिया से जबरन वसूली करने के अलावा कोई और दांव नहीं बचा है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि आज वे सिर्फ इसलिए जिंदा हैं ताकि मेज पर आकर बातचीत कर सकें।
वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जेडी वेंस ने कहा कि अगर ईरान इस बातचीत में ईमानदारी दिखाएगा तो अमेरिका भी दोस्ती का हाथ बढ़ाएगा। लेकिन अगर ईरान ने कोई भी चालबाजी करने की कोशिश की तो उसे बहुत कड़ा जवाब मिलेगा।
ईरान को शांति की उम्मीद लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं
ईरान के टॉप वार्ताकार और संसद के स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिकी बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें इस बैठक से शांति की उम्मीद जरूर है लेकिन अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। गालिबाफ ने कहा कि ईरान अच्छी नीयत के साथ आया है लेकिन उनका पुराना अनुभव कहता है कि अमेरिका अक्सर अपने वादों और समझौतों से मुकर जाता है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका सच में एक ईमानदार समझौते के लिए तैयार होता है तो ईरान भी पीछे नहीं हटेगा।
किन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऐतिहासिक शांति वार्ता में कई गंभीर ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा होनी है:
- परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम: अमेरिका का क्लियर स्टैंड है कि ईरान में यूरेनियम संवर्धन का काम पूरी तरह रुकना चाहिए।
- होर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिका चाहता है कि होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही हो जबकि ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की योजना बना रहा है।
- प्रतिबंध और संपत्तियां: ईरान की सबसे बड़ी मांग है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं और दुनिया भर में फ्रीज की गई उसकी संपत्तियों को वापस किया जाए।
दोनों देशों के डेलिगेशन में कौन कौन है शामिल?
अमेरिकी डेलिगेशन: अमेरिका की तरफ से इस टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अलावा विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर जैसे ट्रंप के भरोसेमंद चेहरे शामिल हैं।
ईरानी डेलिगेशन: ईरान की ओर से 71 लोगों की एक बड़ी टीम इस्लामाबाद पहुंची है। इसमें संसद अध्यक्ष गालिबाफ के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन, उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची, केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनसेर हेममती और पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद बगेर जोलघाद्र शामिल हैं।
छावनी में तब्दील हुआ इस्लामाबाद
इस हाई प्रोफाइल मीटिंग को देखते हुए पूरे इस्लामाबाद शहर को छावनी में बदल दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं जिसके चलते स्कूल और बाजार पूरी तरह बंद हैं। शहर में दो दिन के लिए सरकारी छुट्टी घोषित कर दी गई है। राष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री आवास, संसद और दूतावासों वाले पूरे वीवीआईपी इलाके को सील कर दिया गया है। दोनों देशों के डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए 'ब्लू बुक' के तहत वीवीआईपी प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]
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