पश्चिम बंगाल चुनाव: दफा हो जाओ...' डेरेक ओ ब्रायन का CEC पर गंभीर आरोप, चुनाव आयोग ने कहा- TMC नेता कर रहे थे चीख-चिल्लाहट, जानिए दिल्ली की बैठक में क्या हुआ!

पश्चिम बंगाल चुनाव: दफा हो जाओ... डेरेक ओ ब्रायन का CEC पर गंभीर आरोप, चुनाव आयोग ने कहा- TMC नेता कर रहे थे चीख-चिल्लाहट, जानिए दिल्ली की बैठक में क्या हुआ!
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Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव 2026 से पहले EC और TMC में तीखी नोकझोंक। सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने CEC पर 'दफा हो जाओ' कहने का आरोप लगाया, वहीं आयोग ने कहा- TMC नेता चिल्ला रहे थे।

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले दिल्ली में बुधवार को चुनाव आयोग (EC) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच तीखी नोकझोंक का मामला सामने आया है। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। वहीं आयोग के सूत्रों ने टीएमसी के दावों को खारिज करते हुए नेताओं पर बैठक में चिल्लाने का आरोप लगाया है।

7 मिनट की बैठक में टीएमसी के गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार सुबह दिल्ली में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया है कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर और उनके कथित राजनैतिक संबंधों के सबूत सौंपने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उन्हें मीटिंग से बाहर जाने को कहा। टीएमसी के अनुसार यह बैठक सुबह 10 बजकर 2 मिनट पर शुरू हुई और महज पांच मिनट बाद ही विवाद के साथ खत्म हो गई।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने दावों को किया खारिज

टीएमसी के इन दावों पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे पूरी तरह से गलत बताया है। सूत्रों के मुताबिक टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन मीटिंग में चुनाव आयुक्तों पर चिल्ला रहे थे और उन्होंने अधिकारियों को बोलने का मौका नहीं दिया। रिपोर्ट के अनुसार सीईसी ज्ञानेश कुमार ने टीएमसी डेलिगेशन से मर्यादा बनाए रखने का अनुरोध किया था और कहा था कि आयोग के कक्ष में इस तरह का अभद्र व्यवहार उचित नहीं है।

अधिकारियों के ट्रांसफर और वोटर लिस्ट पर विवाद

बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले को एकतरफा बताया था। इसके अलावा टीएमसी ने आरोप लगाया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर बंगाल के कई वैध मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं।

दो चरणों में होंगे बंगाल विधानसभा चुनाव

विपक्षी दलों की मांग के बीच चुनाव आयोग ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो फेज में कराने का निर्णय लिया है। हालिया विवादों पर अपना रुख साफ करते हुए आयोग ने दोहराया है कि आगामी चुनाव पूरी तरह से भयमुक्त और पारदर्शी होंगे। चुनाव में किसी भी तरह की राजनैतिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी।

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