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Telecom Act 2023: सिम कार्ड खरीदने पर लगी लिमिट, फर्जी ID पर नंबर लेने वालों को होगी जेल, नया टेलीकॉम कानून हुआ लागू

Telecom Act 2023: टेलीकॉम नियमों को लेकर एक नया कानून, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, अब देश में लागू हो गया है। इस कानून के साथ टेलीकॉम सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

Telecom Act 2023: सिम कार्ड खरीदने पर लगी लिमिट, फर्जी ID पर नंबर लेने वालों को होगी जेल, नया टेलीकॉम कानून हुआ लागू
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By Ragib Asim

Telecom Act 2023: टेलीकॉम नियमों को लेकर एक नया कानून, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, अब देश में लागू हो गया है। इस कानून के साथ टेलीकॉम सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। संसद में दिसंबर 2023 में पारित हुए इस कानून ने 138 साल पुराने इंडियन टेलीग्राफ एक्ट और इंडियन वायरलेस टेलीग्राफ एक्ट 1933 की जगह ली है। इसके अलावा, यह कानून TRAI एक्ट 1997 में भी बदलाव करेगा।

क्या है नया टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023?

इस कानून में कुल 62 सेक्शन हैं, जिनमें से फिलहाल 39 सेक्शन ही लागू किए गए हैं। ये सेक्शन पब्लिक सेफ्टी, नेशनल सिक्योरिटी, टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क की सेफ्टी, डिजिटल इंडिया फंड, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, यूजर्स की सेफ्टी, और क्राइम जैसे अहम मुद्दों को कवर करते हैं।

आपके जीवन में क्या असर डालेगा ये नया कानून?

एक ID पर सिर्फ 9 सिम कार्ड: अब कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर सिर्फ 9 सिम कार्ड ही ले सकता है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के लोग सिर्फ छह सिम कार्ड ले सकते हैं। इस नियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार उल्लंघन पर 50,000 रुपये का जुर्माना और बार-बार उल्लंघन पर 2 लाख रुपये का हर्जाना देना होगा।

फर्जी ID पर सिम लेने पर सजा: किसी और की ID पर सिम कार्ड लेना अब अपराध होगा और इसके लिए तीन साल तक की कैद, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या फिर हर्जाना और जेल दोनों हो सकते हैं।

स्पैम कॉल और मैसेज से छुटकारा: नए कानून के तहत यूजर की सहमति के बिना कमर्शियल मैसेज भेजने वाले ऑपरेटर को 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और उसकी सर्विस पर भी रोक लगाई जा सकती है। टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल मैसेज भेजने से पहले यूजर्स की मंजूरी लेनी होगी।

अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान

WhatsApp, Telegram टेलीकॉम नियमों से बाहर: OTT प्लेयर्स या ऐप्स को टेलीकॉम सर्विस की परिभाषा से हटा दिया गया है। WhatsApp और Telegram टेलीकॉम नियमों से बाहर रहेंगे।

मोबाइल टावर लगाने का अधिकार: टेलीकॉम कंपनियों को जमीन मालिक की सहमति के बिना भी प्राइवेट प्रॉपर्टी पर मोबाइल टावर लगाने या केबल बिछाने की अनुमति देने का अधिकार अब सरकार के पास होगा।

आपके कॉल और मैसेज पर नजर: आपात स्थिति में या राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में सरकार को नेटवर्क सस्पेंड और आपके मैसेज को इंटरसेप्ट करने का अधिकार होगा। सरकार युद्ध जैसे हालात या राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों से किसी भी टेलीकॉम सर्विस या नेटवर्क को टेक ओवर कर सकेगी, या उसे जब चाहे और जितने वक्त तक चाहे सस्पेंड कर सकेगी।

पत्रकारों को छूट: खबरें भेजने के लिए मान्यता प्राप्त पत्रकारों के मैसेज की निगरानी नहीं की जाएगी। फिर भी, अगर उनकी रिपोर्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है, तो उनकी कॉल और मैसेज की भी निगरानी की जा सकती है और उन्हें ब्लॉक किया जा सकता है। टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के लागू होने से टेलीकॉम सेक्टर में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे और इससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा और सुविधा में भी सुधार होगा।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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