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Pre Marriage Relationship Law: शादी से पहले शारीरिक संबंध पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: जानें कोर्ट ने क्यों कहा- जब तक शादी नहीं, लड़का-लड़की अजनबी हैं

Pre Marriage Relationship Law: शादी से पहले शारीरिक संबंध पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जब तक शादी नहीं, लड़का-लड़की अजनबी हैं।

Pre Marriage Relationship Law
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सोर्स- इंटरनेट, एडिट- npg.news

By Chitrsen Sahu

Pre Marriage Relationship Law: नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शादी से पहले शारीरिक संबंधों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी से पहले लड़का-लड़की एक दूसरे से अजनबी होते हैं। ऐसे में शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

दरअसल, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ एक ऐसे व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर एक महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और फिर दूसरी महिला से शादी करने का आरोप लगा है। इस दौरान न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा कि शादी से पहले लड़का-लड़की एक दूसरे से अजनबी होते हैं। ऐसे में शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

शादी का झांसा देकर बनाया शारीरिक संबंध

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला की मुलाकात याचिकाकर्ता से 2022 में मैट्रीमोनियल वेबसाइट में हुई थी। इस दौरान उसने उसे शादी का झांसा दिया और दिल्ली फिर दुबई में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसने दुबई में उसकी निजी वीडियो भी बना लिए, जिसे वायरल करने की धमकी देने लगा। बाद में महिला को पता चला कि उसने 19 जनवरी 2024 को पंजाब में दूसरी महिला से शादी कर ली है।

महिला के वकील ने क्या कहा?

इस मामले में महिला के वकील का कहना है कि आरोपी ने झूठे वादे किए थे। ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारीज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि शादी का वादा शुरु से ही झूठा लग रहा है, क्योंकि आरोपी पहले से शादीशुदा था और 19 जनवरी 2024 में दोबारा शादी कर चुका है।

आरोपी ने लगाई जमानत की अर्जी

वहीं अब आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने सुझाव दिया है कि आरोपी महिला को मुआवजा देने पर विचार करें। कोर्ट ने दोनों पक्षों से समझौते की संभावना तलासने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

शादी से पहले नहीं करना चाहिए किसी पर भरोसा

इधर सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर महिला शादी को लेकर गंभीर थी, तो उसे दुबई नहीं जाना चाहिए था। साथ ही कहा कि जब संबंध दोनों की सहमती से बने हो, तो इन्हें ट्रायल और सजा के लिए नहीं भेजा जाना चाहिए। वहीं न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा कि शायद हम पुराने ख्यालों के हैं, लेकिन शादी से पहले किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

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