Supreme Court News: बच्चा बदलने का आरोप: आईवीएफ सेंटर पर FIR, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
Supreme Court News: डिलीवरी के बाद अस्पताल प्रबंधन पर बच्चा बदलने का गम्भीर आरोप लगा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पहलाजानी आईवीएफ सेंटर पर FIR दर्ज किया है। अब संचालक, चिकित्सकों की भूमिका की जांच पुलिस करेगी।

Pahlajani IVF Centre Par FIR: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माता लक्ष्मी नर्सिंग होम और पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। डिलीवरी के बाद अस्पताल प्रबंधन पर बच्चा बदलने का गम्भीर आरोप लगा है।
इस मामले में पीड़ित पक्ष ने पहले हाई कोर्ट में याचिका दायर की, फिर सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया। ढाई साल बाद अब जाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या है मामला
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह वर्ष 2022 में रायपुर के अनुपम नगर स्थित माता लक्ष्मी नर्सिंग होम पहुंचे थे। अस्पताल में संचालित पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर में डॉक्टरों ने आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए संतान होने का आश्वासन दिया।
अक्टूबर 2022 में पहली बार आईवीएफ प्रक्रिया की गई, जिसमें उषा सिंह गर्भवती हुई, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से दिसंबर 2022 में अबॉर्शन कराना पड़ा। अप्रैल 2023 में दोबारा आईवीएफ प्रक्रिया कराई गई।
चिकित्सकीय जांच में गर्भ में जुड़वा बच्चे की पुष्टि हुई। 25 दिसंबर 2023 को परिजनों की जानकारी के बगैर उषा सिंह को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। डिलीवरी के बाद उषा ने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन थिएटर में उन्होंने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया है, लेकिन कुछ समय बाद जो नवजात सौंपे गए, वे अलग लगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चों की अदला-बदली की गई है। इस पर प्रबंधन और इलाज कर रहे डॉ. नीरज पहलाजनी व डॉ. समीर पहलाजनी ने इसे गलतफहमी बताया।
संदेह गहराने पर अशोक कुमार सिंह ने निजी एजेंसी से डीएनए जांच कराई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान मामले की गम्भीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर करने रायपुर एसपी को निर्देशित किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर के बाद माता लक्ष्मी नर्सिंग होम, पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर, उसके संचालकों, संबंधित डॉक्टरों और पैथोलॉजी लैब मेट्रोपोलिस की भूमिका की जांच करने का आदेश भी जारी किया है।
