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Satta king, Satta Result : जानिए सट्टा किंग में कैसे मिलता है प्राइज मनी?

Satta king | Satta Result | Sattaking | Satta King 786 | Satta chart: देश में इन दिनों सट्टेबाजी का चलन बढ़ता जा रहा है। रोजाना कई खिलाड़ी अंकों पर दांव लगाकर भाग्य आजमाते हैं, लेकिन इसमें जीत की कोई गारंटी नहीं होती है।

Satta king, Satta Result : जानिए सट्टा किंग में कैसे मिलता है प्राइज मनी?
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By Ragib Asim

Satta king | Satta Result | Sattaking | Satta King 786 | Satta chart: देश में इन दिनों सट्टेबाजी का चलन बढ़ता जा रहा है। रोजाना कई खिलाड़ी अंकों पर दांव लगाकर भाग्य आजमाते हैं, लेकिन इसमें जीत की कोई गारंटी नहीं होती है। सट्टेबाजी में लगाए सारे पैसे एक झटके में डूब सकते हैं, और अगर आपका लकी नंबर आया तो 90 गुना तक प्रॉफिट मिल सकता है। परंतु, ज्यादातर लोगों के जेहन में एक सवाल हमेशा बना रहता है कि सट्टे में जीत गए, तो जीती रकम कैसे मिलेगी? क्या जीती रकम मिलेगी या नहीं? आइए जानते हैं सट्टेबाजी के बारे में विस्तार से।

सट्टेबाजी का ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड

डिजिटल युग से पहले सट्टेबाजी का खेल ऑफलाइन ही संचालित होता था, जैसे कल्याण सट्टा और मटका सट्टा। आज भी ऑफलाइन सट्टेबाजी चलन में है, लेकिन वक्त के साथ बदलते डिजिटल दौर में खिलाड़ी ऑनलाइन मोड से दांव लगाने लगे हैं। इस गेम में किसी के जीतने-हारने की संभावना 1:99 होती है।

ऑनलाइन सट्टेबाजी का प्रोसेस

आजकल कई मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट गुपचुप तरीके से संचालित हो रही हैं। खिलाड़ी इन्हीं ऐप और वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कर वॉलेट तैयार करते हैं और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करते हैं। सट्टा बाजार में खिलाड़ी आसानी से अंकों पर दांव लगा सकते हैं। अगर अंक फंसता है या जीत होती है, तो सिंगल अंक पर 90 गुना तक और डबल अंक पर 900 गुना तक प्रॉफिट हो सकता है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी खिलाड़ी ने ओपन अंक के लिए 5 अंक पर 100 रुपये का दांव खेला और 5 नंबर निकला, तो खिलाड़ी को 900 रुपये प्राइज मनी मिलेगी। इसी प्रकार, क्लोज रिजल्ट के लिए सिंगल नंबर पर दांव खेल सकते हैं और डबल अंक या जोड़ी नंबर पर जीतने पर 100 रुपये पर 9000 रुपये प्राइज मनी मिलती है।

क्या प्राइज मनी में होती है कोई कटौती?

ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स से पैसे लगाने वाले खिलाड़ियों से बात करने पर पता चला कि वॉलेट से रकम को आसानी से बैंक खाते में विद्ड्रॉल किया जा सकता है। इस पर सट्टेबाजी ऐप या वेबसाइट की ओर से कोई कटौती नहीं होती है। लेकिन चूंकि पैसा बैंक खाते में आएगा, ऐसे में इनकम टैक्स विभाग और बैंक अधिकारियों की नजर इस पर पड़ सकती है, जिसके लिए इसे घोषित आय में दिखाकर टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

ऑफलाइन सट्टेबाजी का प्रोसेस

ऑफलाइन सट्टेबाजी में सट्टा किंग के एजेंट्स विभिन्न राज्यों के शहरों में फैले होते हैं। वे अपने पंटरों से खिलाड़ियों के ऑर्डर लेते हैं और अंकों पर लगाए गए दांव का कलेक्शन करते हैं। जब अंक आता है, तो खिलाड़ी को पैसे उसी एजेंट या पंटर से मिलते हैं, जहां उसने अंक लिखवाया था। ऑफलाइन सट्टेबाजी का पूरा खेल विश्वास पर चलता है, और इसमें धोखाधड़ी की संभावना भी होती है।

ऑफलाइन सट्टेबाजी में कटौती

ऑफलाइन सट्टेबाजी में दांव लगाने पर जो प्राइज मनी मिलती है, उसमें कटौती संभव है। अंक लिखने वाले पंटर इसमें 10 से 20 फीसदी की कटौती कर सकते हैं। यह खिलाड़ियों को पहले ही साफ कर दिया जाता है। चूंकि यह पूरा खेल ब्लैक और हवाला के जरिए संचालित होता है, इसलिए रुपयों का लेनदेन ऑफलाइन यानी कैश में होता है, और इसका कहीं कोई बैंकिंग ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड नहीं होता है।

क्या सट्टेबाजी गैर-कानूनी है?

भारत में सट्टा या जुआ खेलना और खिलाना दोनों ही गैर-कानूनी हैं। इसके बावजूद आजकल यह ऑनलाइन बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा है। सट्टा खेलने में जोखिम ज्यादा होता है, लेकिन जल्दी अमीर बनने के लालच में लोग इसके जाल में फंसते चले जाते हैं। सट्टा खेलने वाले अमीर तो कम लेकिन रातों-रात गरीब जरूर हो सकते हैं।

Disclaimer: देश में सट्टेबाजी गैर-कानूनी है। इसमें जीत-हार की कोई गारंटी नहीं होती है। सट्टा किंग में पैसे लगाना जोखिमों के अधीन है। ऐसे में किसी भी प्रकार के सट्टा या जुआ में रकम लगाने से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करें। उपरोक्त लेख केवल जानकारी के लिए है, NPG डिजिटल किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी और हार-जीत के दावों को प्रमोट नहीं करता है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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