'कब्र' में मिली कॉलेज के HOD की लाश... दोस्त ने गोली मारकर की हत्या, फिर शव को जंगल में दफनाया
Sambhaji Nagar Murder Case: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से हत्या का ऐसा मामला सामने आया है जो किसी फिल्म की कहानी से कम नही है. 40 दिन से लापता सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष की लाश कब्र से मिली है. 50 लाख के विवाद में पूर्व विभागाध्यक्ष के दोस्त ने ही गोली मारकर हत्या कर दी

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16 मार्च 2026, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से हत्या का ऐसा मामला सामने आया है जो किसी फिल्म की कहानी से कम नही है. 40 दिन से लापता सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष की लाश कब्र से मिली है. 50 लाख के विवाद में पूर्व विभागाध्यक्ष के दोस्त ने ही गोली मारकर हत्या कर दी और फिर जंगल में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया.
क्या है पूरा मामला
पूरा मामला छत्रपति संभाजीनगर शहर का है. मृतक की पहचान 60 वर्षीय राजाभाऊ सुबराव लोंढे के रूप में हुई है. राजाभाऊ सुबराव लोंढे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में विभागाध्यक्ष (एचओडी) के पद पर थे. जो रिटायर हो चुके थे. वह पिछले 40 दिन से लापता थे. क्राइम ब्रांच की टीम भी तलाश में जुटी हुई थी.
किसने की पूर्व विभागाध्यक्ष की हत्या
वहीँ, अब 40 दिन बाद राजाभाऊ सुबराव लोंढे की लाश मिली है. हत्याकांड का खुलासा हो गया है. राजाभाऊ सुबराव लोंढे की हत्या उसके दोस्त विशाल राठोड ने की थी. पुलिस ने आरोपी विशाल राठोड, साथी आकाश पवार और करण आडे को गिरफ्तार किया है.
कैसे बनाया प्लान
जानकारी के मुताबिक़, राजाभाऊ सुबराव लोंढे और विशाल राठोड दोस्त थे. दोनों के बीच करीब 50 लाख पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. जिस वजह से उसने उसकी हत्या की साजिश रची. साजिश के तहत विशाल राठोड ने हत्या से तीन दिन पहले 3 फरवरी को गेवराई तांडा के जंगल में जीसीबी से 8-8 फुट के दो गहरे गड्ढे खुदवाये.
जंगल में गड्ढे में दफना दिया लाश
5 फरवरी की रात आरोपी ने राजाभाऊ को पार्टी के बहाने दौलताबाद के एक फार्महाउस पर बुलाया और शराब पिलाई, पार्टी के बाद घर लौटते वक्त साजापुर शिवार में रेलवे पुल के पास सिर पर गोली मार कर हत्या कर दी. उसके बाद लाश कार की डिक्की में ले जाकर गेवराई तांडा के जंगल में गड्ढे में दफना दिया.
हालाँकि पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच तो शक आरोपी पर गया. उनसे पूछताछ करने पर पहले तो उन्होंने गुमराह की कोशिश की लेकिन बाद में अपना गुनाह कुबूल किया.
