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Sabarimala Mandir Ghee Scam : सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी के बाद अब ‘घी घोटाला’ ! केरल हाईकोर्ट ने विजिलेंस जांच के दिए आदेश

Sabarimala Mandir Ghee Scam : भगवान अयप्पा के सन्निधानम में श्रद्धा से चढ़ाए गए नेय्याभिषेकम के बाद बचने वाले आदिय शिष्टम घी की बिक्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप है.

Sabarimala Mandir Ghee Scam : सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी के बाद अब ‘घी घोटाला’ ! केरल हाईकोर्ट ने विजिलेंस जांच के दिए आदेश
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By Meenu Tiwari

Sabarimala Mandir Ghee Scam : सबरीमाला मंदिर अधर्म के मामले में एक बार फिर से चर्चा में आया है. फ़िर से अयप्पा के दर पर अधर्म हुआ है. फिर से श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट लगी है। जहां हर साल सबरीमाला मंदिर में करोड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ सिर झुकाते हैं, वहीँ पहले सोने की चोरी और अब प्रसाद से जुड़े घी की हेराफेरी ने केरल ही नहीं पूरे देश में सवाल खड़े कर दिए हैं.


भगवान अयप्पा के सन्निधानम में श्रद्धा से चढ़ाए गए नेय्याभिषेकम के बाद बचने वाले आदिय शिष्टम घी की बिक्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप है. इस गंभीर मामले को लेकर केरल हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं.


आरोप मंदिर प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों और ठेकेदारों पर लगे हैं. श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन की इस कथित लूट ने देवस्थानम की पवित्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी.




क्या है पूरा मामला ?


केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सबरीमाला विशेष आयुक्त की रिपोर्ट पर सुनवाई की. इस बेच में वी राजा विजयराघवन और जस्टिस के.वी. जयकुमार शामिल थे. रिपोर्ट में आदिय शिष्टम घी की बिक्री से मिली राशि के कथित गबन का जिक्र किया गया था. यह घी नेय्याभिषेकम अनुष्ठान के बाद बचता है और उसे पैकेट में भरकर श्रद्धालुओं को बेचा जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक 17 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2026 और 27 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 के बीच करीब 35 लाख रुपए की कथित गड़बड़ी हुई. निरीक्षण में पाया गया कि मरामथ बिल्डिंग काउंटर से बिके 16628 घी पैकेटों की रकम त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के खाते में जमा नहीं की गई.


कैसे सामने आई गड़बड़ी


14 दिसंबर 2025 को TDB के चीफ विजिलेंस एंड सिक्योरिटी ऑफिसर ने निरीक्षण किया. जांच में सामने आया कि 700 लीटर क्षमता वाले स्टील टैंक से मोटर की मदद से 100 मिलीलीटर के पैकेट भरे जाते थे, जिन्हें 100 रुपए प्रति पैकेट बेचा जाता था. रिकॉर्ड के अनुसार कुल 3,52,050 पैकेट तैयार किए गए थे. इसमें से लगभग 89,300 पैकेट मरामथ काउंटर से बेचे गए. लेकिन पैसे सिर्फ 75450 पैकेटों के ही जमा हुए.


कर्मचारियों पर गंभीर आरोप


रिकॉर्ड में साफ दिखा कि 13679 पैकेटों की बिक्री की रकम करीब 13.68 लाख रुपए गायब है. इसके अलावा देवस्वोम बोर्ड ने हाई कोर्ट को बताया कि कर्मचारी सुनील कुमार पोट्टी ने घी बिक्री के दौरान रसीदें जारी नहीं कीं. 24 से 30 नवंबर 2025 के बीच 68,200 रुपए की रकम समय पर जमा नहीं की गई और 17 दिन बाद कोर्ट के निर्देश पर पैसा लौटाया गया. इसके बाद कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया.

हाई कोर्ट क्यों हुआ सख्त


हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है. कोर्ट ने विजिलेंस डायरेक्टर को आदेश दिया कि सक्षम अधिकारियों की टीम बनाकर एफआईआर दर्ज की जाए और एक महीने में प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाए. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि बिना कोर्ट की अनुमति के फाइनल रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाएगी.

अब सबकी नजर विजिलेंस जांच पर टिकी है. सवाल यह भी है कि क्या यह गड़बड़ी सिर्फ कुछ कर्मचारियों तक सीमित थी या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. सबरीमाला जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थ में इस तरह के आरोपों ने देवस्थानम प्रशासन की पारदर्शिता पर गहरी चोट की है.

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