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Remal Cyclone Updates: बांग्लादेश के तट से टकराया Remal Cyclone, 8 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

Remal Cyclone Updates: भीषण चक्रवाती तूफान 'रेमल' ने रविवार (26 मई) की रात पश्चिम बंगाल के तटों को अपनी चपेट में ले लिया। यह तूफान रात को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचा।

Remal Cyclone Updates: बांग्लादेश के तट से टकराया Remal Cyclone, 8 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
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By Ragib Asim

Remal Cyclone Updates: भीषण चक्रवाती तूफान 'रेमल' ने रविवार (26 मई) की रात पश्चिम बंगाल के तटों को अपनी चपेट में ले लिया। यह तूफान रात को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचा। बंगाल के तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने पश्चिम बंगाल में कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कोलकाता एयरपोर्ट ने सोमवार (27 मई) सुबह तक 21 घंटे के लिए उड़ान संचालन को स्थगित कर दिया है। इस कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मिलाकर लगभग 394 उड़ानें प्रभावित होंगी।

तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ चक्रवात ने राज्य के कई हिस्सों में असर दिखाया है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात की गति 110-120 किमी प्रति घंटा है, जो 130 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। यह तूफान पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप समूह पर टकराया। रात करीब 8:30 बजे (स्थानीय समय) चक्रवात ने बांग्लादेश के मोंगला और खेपुपारा तटों के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से होते हुए भारत के पश्चिम बंगाल तट को पार करना शुरू किया।

तटीय क्षेत्रों से लोगों की निकासी

रविवार शाम 3 बजे तक पश्चिम बंगाल सरकार ने तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। इन सभी को आश्रय गृहों, स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षित रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी की उच्चस्तरीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाती तूफान 'रेमल' से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा हेतु रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने तैयारियों का जायजा लेते हुए बताया कि राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति पश्चिम बंगाल सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है। सभी मछुआरों को दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में न जाने की सलाह दी गई है। लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) नियमित अपडेट के साथ बांग्लादेश को भी सूचना सहायता प्रदान कर रहा है।

पीएम मोदी ने मदद का आश्वासन दिया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार राज्य सरकार को पूरा समर्थन दे रही है और आगे भी देगी। गृह मंत्रालय को स्थिति की निगरानी करने और चक्रवात के गुजरने के बाद बहाली के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले से तैनात 12 NDRF टीमों और ओडिशा में एक टीम के अलावा अधिक टीमों को स्टैंडबाय पर रखा जाए।

कोलकाता एयरपोर्ट बंद

कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों ने रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ानों को निलंबित कर दिया है। पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने कई ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया है।

बंगाल में हाई अलर्ट

चक्रवाती तूफान 'रेमल' के और तीव्र होने और इसके रविवार आधी रात तक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों पर टकराने की संभावना के मद्देनजर, बंगाल के संवेदनशील क्षेत्रों से एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तटीय क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर हो सकती है।

बचाव और राहत कार्य

राज्य आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 16-16 टीमों को तटीय क्षेत्रों में तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य के अधिकारियों ने सुंदरबन और सागर द्वीप सहित तटीय क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया है। इस प्रकार, उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में लू और गर्मी का प्रकोप जारी है, जबकि पश्चिम बंगाल और अन्य तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान 'रेमल' से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियां और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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