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Delhi NCR News Hindi: उत्तराखंड की टनल में फंसे 41 मजदूरों की बचाई थी जान, अब दिल्ली में रैट माइनर के घर पर चला बुलडोजर

Delhi NCR News Hindi: उत्तराखंड की उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने में मदद करने वाले रैट माइनर्स में शामिल वकील हसन अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

Delhi NCR News Hindi: उत्तराखंड की टनल में फंसे 41 मजदूरों की बचाई थी जान, अब दिल्ली में रैट माइनर के घर पर चला बुलडोजर
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By Ragib Asim

Delhi NCR News Hindi: उत्तराखंड की उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने में मदद करने वाले रैट माइनर्स में शामिल वकील हसन अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। दरअसल, बुधवार को दिल्ली के खजूरी खास इलाके में उनके घर को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बुलडोजर चलाकर धवस्त कर दिया था। इससे दुखी हसन घर के मलबे पर ही अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वह न्याय की मांग कर रहे हैं।

DDA ने क्यों घर को गिराया?

DDA का मानना है कि इलाके में अतिक्रमण करके सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। इसी के चलते विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ हसन का कहना है कि उन्होंने 2013 में पाई-पाई जोड़कर 38 लाख रुपये में 80 गज का प्लॉट खरीदा था। उस समय उन्हें नहीं पता था कि यह जमीन DDA की है। हसन का कहना कि उनके मकान को बिना किसी पूर्व सूचना के ध्वस्त किया गया है।

हसन ने मिडिया को बताया कि उन्होंने सिलक्यारा सुरंग में 41 लोगों को बचाया और बदले में यह मिला। उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों और सरकार से अनुरोध किया था कि उन्हें इनाम के रूप में केवल घर दिया जाए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि घर बनने तक वह अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगे। बता दें, रैट माइनर्स ने 17 दिन से फंसे मजदूरों को 21 घंटे हाथ से खुदाई करके निकाला था।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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