Begin typing your search above and press return to search.

Rajashthan News: अब बोरवेल खोदना आसान नहीं: बिना अनुमती के खुदाई पर देना पड़ सकता है 1 लाख तक का जुर्माना, हो सकती है जेल

Rajashthan Me Bhujal Sanrakshan Bill Pas: जयपुर: अगर आप भी अपने घर या फिर कहीं पर ट्यूबवेल कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। दरअसल, राजस्थान में अब बोलवेल खुदाई के लिए अनुमती लेना अनिवार्य होगा और पानी निकलने के बाद शुल्क भी देना होगा। बिना अनुमती के बोलवेल खुदाई पर आपको 50 हजार रुपए का जुर्माना भी देना होगा।

Rajashthan News: अब बोरवेल खोदना आसान नहीं: बिना अनुमती के खुदाई पर देना पड़ सकता है 1 लाख तक का जुर्माना, हो सकती है जेल
X

Rajashthan New

By Chitrsen Sahu

Rajashthan Me Bhujal Sanrakshan Bill Pas: जयपुर: अगर आप भी अपने घर या फिर कहीं पर ट्यूबवेल कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। दरअसल, राजस्थान में अब बोलवेल खुदाई के लिए अनुमती लेना अनिवार्य होगा और पानी निकलने के बाद शुल्क भी देना होगा। बिना अनुमती के बोलवेल खुदाई पर आपको 50 हजार रुपए का जुर्माना भी देना होगा।

भूजल (संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक पास

विधानसभा में बुधवार को भूजल (संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक पास हो गया है। जिसके तहत अब आपको इंडस्ट्रीयल और कमर्शीयल के लिए किए जाने वाले बोलवेल के लिए अनुमती लेना अनिवार्य होगा और पानी निकलने के बाद शुल्क भी देना होगा। इतना ही नहीं ट्यूबवेल पर मीटर भी लगाया जाएगा और जितना पानी निकलेगा उसके हिसाब से भुगतान करना होगा।

क्या-क्या है नए नियम में

  • अब राज्य स्तर पर भूजल (संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण बनाया जाएगा।
  • राज्य स्तर पर बने भूजल (संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण से बोरवेल की पूरी प्रक्रिया की जाएगी।
  • बोलवेल खुदाई के लिए अनुमती लेना अनिवार्य होगा।
  • ट्यूबवेल पर मीटर लगाया जाएगा और जितना पानी निकलेगा उतना टैरिफ तय होगा। इसी के तहत आपको भुगतान करना होगा।
  • बिना अनुमती के बोलवेल खुदाई पर आपको 50 हजार रुपए का जुर्माना भी देना होगा।
  • नियम का दोबारा उल्लंघन करने पर आपको 6 महीने की जेल भी हो सकती है। इतना ही नहीं आपको 1 लाख रुपए तक का जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

लगातार कम हो रहा पानी का लेवल

बता दें कि राजस्थान में लगातार पानी का लेवल कम हो रहा है। गर्मियों के दिनों में जैसलमेर और भीलवाड़ा के लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ता है। पानी की कमी के कारण किसानों को खेती करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विधानसभा में भूजल (संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक का पास होना पानी के दोहन को रोकने में काफी मददगार साबित होगा।

Next Story