Prabhakar Chaudhary Transfer: कांवड़ियों पर लाठीचार्ज करने वाले बरेली SSP नपे, 3 घंटे में ही हो गया तबादला
IPS Prabhakar Chaudhary Transfer: उत्तर प्रदेश के बरेली में रविवार को कांवड़ियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद जिले के एसएसपी प्रभाकर चौधरी पर गाज गिरी है। लाठीचार्ज के कुछ घंटे बाद शासन की ओर से बीती रात उनके तबादले का आदेश जारी कर दिया गया।

IPS Prabhakar Chaudhary Transfer: उत्तर प्रदेश के बरेली में रविवार को कांवड़ियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद जिले के एसएसपी प्रभाकर चौधरी पर गाज गिरी है। लाठीचार्ज के कुछ घंटे बाद शासन की ओर से बीती रात उनके तबादले का आदेश जारी कर दिया गया। उनकी जगह सीतापुर के एसपी सुशील घुले चंद्रभान को बरेली का एसएसपी बनाया गया है। कांवड़ियों पर हुए लाठीचार्ज में पुरुषों के साथ ही महिलाएं और बच्चे भी घायल हुए हैं। हालांकि एसएसपी प्रभाकर चौधरी की तरफ से सफाई में कहा गया कि कुछ अराजकतत्व के लोग कावंड यात्रा में शामिल होने के बाद फायरिंग की। जिसके बाद माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्च किया।
आईपीएस प्रभाकर चौधरी 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी है। प्रभाकर अपने तबादलों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनके बारे में कहा जता है कि 13 साल की सेवा के दौरान प्रभाकर चौधरी का 21 बार तबादला किया जा चुका है। वह कई जिलों में एसएसपी और एसपी रह चुके हैं। बरेली में उन्होंने चार महीने पहले ही पुलिस कप्तान की कमान संभाली थी। अब उन्हें 32वीं पीएसी लखनऊ भेजा गया है।
बता दें इस दौरान एक दर्जन से ज्यादा कांवड़िए घायल हुए थे। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया है। जिसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी और समाजवादी पार्टी के पूर्व पार्षद उस्मान को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही पुलिस ने समाजवादी पार्टी के मस्जिद के मौलाना सहित 150 लोगों पर FIR दर्ज की थी।
इस घटना को अभी एक हफ्ता बीता भी नहीं था की बीते रविवार (30 जुलाई) को फिर हंगामा हो गया और दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। तनाव बढ़ता देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इतना ही नहीं पुलिस ने कांवड़ियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे।
बाद में जब SSP प्रभाकर चौधरी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कांवड़िए एक विशेष समुदाय के इलाके से कांवड़ निकालना चाहते थे। लेकिन, पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। जिसके बाद उन्होंने हंगामा कर दिया और पुलिस ने मजबूरत लाठीचार्ज करना पड़ा। उन्होंने बताया था कि भीड़ में कुछ कांवड़िए नशे की हालत में थे।
