PM मोदी की इजरायल यात्रा: इजरायल में चलेगा भारत का UPI! मोदी-नेतन्याहू की मुलाकात में हुए 10 ऐतिहासिक करार, जानें आपके लिए क्या बदला

फोटो: AI
हाईलाइ
- डिजिटल क्रांति: भारत का UPI अब इजरायल के 'Masav' सिस्टम से जुड़ेगा, जिससे पेमेंट आसान होगा।
- टेक पार्टनरशिप: AI, साइबर सुरक्षा और स्पेस सेक्टर में डीप-टेक साझेदारी के लिए 10 MoUs साइन।
- इमोशनल कनेक्ट: नेतन्याहू ने भारतीय रेस्तरां की पहली डेट को याद कर भारत के प्रति अपना आभार जताया।
नई दिल्ली 26 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इजरायल यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों की दिशा बदल दी है। गुरुवार को यरुशलम में पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुल 27 समझौतों का एलान किया गया। ये समझौते सिर्फ कागजी नहीं हैं बल्कि इनका सीधा कनेक्शन भारत की इकॉनमी, सुरक्षा और आम आदमी की जेब से है।
सबसे बड़ी कामयाबी UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को लेकर मिली है। अब भारतीय सैलानी और कारोबारी इजरायल के बाजारों में भी अपने मोबाइल से भुगतान कर सकेंगे। यह कदम भारत की डिजिटल इकॉनमी को वैश्विक ताकत बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
नौकरियों का नया हब
भारतीय वर्कफोर्स के लिए इजरायल ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं। समझौते के तहत अगले 5 साल में 50,000 भारतीय श्रमिकों का कोटा तय किया गया है। ये युवा इजरायल के कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर (रेस्टोरेंट/कैफे) में काम कर सकेंगे।
खेतों तक पहुंचेगी इजरायली तकनीक
भारत में एक 'कृषि नवाचार केंद्र' स्थापित होगा। इजरायल की मशहूर 'ड्रिप इरिगेशन' और हाई-टेक बागवानी तकनीक को अब भारतीय गांवों तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही 20 भारतीय रिसर्चर्स को खास इजरायली फेलोशिप भी मिलेगी।
साइबर और रक्षा कवच
सुरक्षा के मोर्चे पर भारत में एक साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र बनेगा। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी में दोनों देश मिलकर नई रिसर्च करेंगे।
नालंदा से हिब्रू यूनिवर्सिटी तक
शिक्षा के क्षेत्र में बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय और यरुशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के बीच सीधा गठबंधन हुआ है। अब दोनों देशों के वैज्ञानिक और छात्र मिलकर रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे।
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