Begin typing your search above and press return to search.

Cabinet Review 2026: सेवा तीर्थ में सजेगी 'क्लास', पीएम मोदी लेंगे मंत्रियों का टेस्ट, प्रजेंटेशन से तय होगी मंत्रालयों की जवाबदेही

Cabinet Review 2026: मोदी सरकार 3.0 के कामकाज को रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री ने समीक्षा का नया मॉडल तैयार किया है जहां हर मंत्री को अपने प्रदर्शन का हिसाब देना होगा।

Cabinet Review 2026: सेवा तीर्थ में सजेगी क्लास, पीएम मोदी लेंगे मंत्रियों का टेस्ट, प्रजेंटेशन से तय होगी मंत्रालयों की जवाबदेही
X

फोटो: AI

By Ragib Asim

हाईलाइट

  • मंत्रियों को अपने मंत्रालय के कामकाज और सुधारों पर पीएम मोदी के सामने प्रजेंटेशन देना होगा।
  • कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने मंत्रियों को प्रजेंटेशन के लिए विस्तृत फॉर्मेट भेज दिया है।
  • 24 फरवरी को नए PMO 'सेवा तीर्थ' में हुई पहली बैठक के बाद यह सख्त निर्देश जारी किए गए।

Cabinet Review 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में शासन की गति और पारदर्शिता को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए कमर कस ली है। मंगलवार 24 फरवरी को नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में हुई पहली कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद मंत्रियों के लिए एक नया रिपोर्ट कार्ड सिस्टम लागू कर दिया गया है।

कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने सभी मंत्रियों को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री हर मंत्रालय के कामकाज का व्यक्तिगत रूप से प्रजेंटेशन देखना चाहते हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य केवल काम गिनाना नहीं बल्कि उन कार्यों से जनता को मिले परिणाम (Outcomes) की समीक्षा करना है।

सेवा तीर्थ से 'सेवा' का संकल्प

प्रधानमंत्री कार्यालय का नया पता अब सेवा तीर्थ है जो अपनी आधुनिक सुविधाओं (Modern Amenities) और इंटीग्रेटेड वर्क सिस्टम के लिए जाना जा रहा है। इसी इमारत में हुई पहली बैठक में यह साफ कर दिया गया कि अब मंत्रियों को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार प्रजेंटेशन के आदेश से मंत्रियों के बीच हलचल है क्योंकि पीएम मोदी खुद बारीकी से समीक्षा करेंगे।

कैसा होगा प्रजेंटेशन का फॉर्मेट?

कैबिनेट सचिवालय की ओर से सभी विभागों को एक स्पेशल फॉर्मेट भेजा गया है। मंत्रियों को अपना प्रजेंटेशन मुख्य रूप से चार कैटेगिरी में बांटना होगा:

  • प्रमुख सुधार (Key Reforms): कार्यकाल के दौरान कौन से बड़े नीतिगत बदलाव किए गए।
  • परिणाम (Outcomes): इन सुधारों का धरातल पर क्या असर हुआ।
  • भविष्य की योजना: आने वाले समय के लिए मंत्रालय का रोडमैप क्या है।
  • चुनौतियां: काम के दौरान आने वाली बाधाएं और उनके समाधान।

किस्तों में होगी समीक्षा

यह प्रजेंटेशन किसी एक दिन में नहीं होगा। योजना के मुताबिक अलग-अलग कैबिनेट बैठकों के दौरान कुछ-कुछ मंत्रियों को समय दिया जाएगा। इससे पीएम मोदी को हर मंत्रालय की गहराई से समीक्षा करने का पर्याप्त मौका मिलेगा। मंत्रियों को अगली बैठक में यह भी बताना होगा कि वे अपने प्रजेंटेशन में कौन से मुख्य बिंदु शामिल करेंगे जिसके बाद उनकी अंतिम तारीख तय की जाएगी।

FAQ:

प्रश्न: पीएम मोदी के नए कार्यालय का नाम क्या है और वहां पहली बैठक कब हुई?

उत्तर: पीएम मोदी के नए कार्यालय का नाम 'सेवा तीर्थ' है। यहां पहली कैबिनेट बैठक 24 फरवरी 2026 को हुई थी।

प्रश्न: मंत्रियों के प्रजेंटेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्रालयों द्वारा किए गए कार्यों का परिणाम देखना, जवाबदेही तय करना और जरूरी सुधारों (Reforms) को लागू करना है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story