Petrol Pump Fraud: पेट्रोल पंप पर सिर्फ '0' देखना काफी नहीं! पेट्रोल-डीजल भरवाते समय इस 'मीटर' पर रखें नजर, वर्ना कटेगी जेब
Petrol Pump Fraud: पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय धोखाधड़ी से कैसे बचें? जानें पेट्रोल (720-775) और डीजल (810-845) की सही डेंसिटी और मीटर जंपिंग फ्रॉड को पकड़ने का आसान तरीका।

नई दिल्ली 31 March 2026: पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर फ्यूल भरवाते समय अगर आप भी सिर्फ '0' (Zero) देखकर खुश हो जाते हैं तो आप बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। आज के समय में फ्यूल की चोरी और मिलावट (Adulteration) का असली खेल '0' में नहीं बल्कि मशीन के डेंसिटी मीटर (Density Meter) में छिपा होता है। ईरान-अमेरिका युद्ध (Middle East War) और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के बंद होने की खबरों के बीच देश में मची 'पैनिक बायिंग' (Panic Buying) का फायदा उठाकर कुछ पेट्रोल पंप कर्मी ग्राहकों को खुलेआम चूना लगा रहे हैं। आइये जानते हैं इस गोलमाल से बचने उपाय।
'जीरो' नहीं, डेंसिटी मीटर (Density Meter) पर रखें नजर
अक्सर फ्यूल भरते समय कर्मचारी आपका ध्यान '0' की तरफ टिका देता ह लेकिन वह कभी डेंसिटी मीटर देखने के लिए नहीं कहता। सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए कई वीडियो (Viral Video) में भी इस धांधली का खुलासा हुआ है। डेंसिटी मीटर दरअसल आपके वाहन में डाले जा रहे पेट्रोल या डीजल की शुद्धता (Purity) का पैमाना होता है। तय मात्रा में मिनरल्स मिलाकर फ्यूल की क्वालिटी सेट की जाती है। अगर डेंसिटी तय मानकों से कम या ज्यादा है तो इसका सीधा मतलब है कि तेल मिलावटी है जो आपकी जेब काटने के साथ-साथ गाड़ी के इंजन (Vehicle Engine) को भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या है पेट्रोल और डीजल की सही डेंसिटी?
भारत सरकार और तेल कंपनियों (OMCs) ने फ्यूल की डेंसिटी (घनत्व) के लिए सख्त मानक तय किए हैं। मशीन की स्क्रीन पर आपको ये आंकड़े जरूर चेक करने चाहिए:
Petrol Density (पेट्रोल): 720 से 775 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर।
Diesel Density (डीजल): 810 से 845 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर।
(नोट: अगर फ्यूल भरवाते समय मशीन पर डेंसिटी का आंकड़ा इस रेंज के बीच है तो तेल पूरी तरह शुद्ध है। इससे कम या ज्यादा होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।)
मीटर '0' से सीधे '10' पर जंप करे, तो हो जाएं अलर्ट
डेंसिटी में हेरफेर के अलावा मशीन की रीडिंग में भी फ्रॉड (Fraud) किया जाता है। अगर नोज़ल चालू करते ही मीटर 0 से 1, 2, 3, 4 की सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है, तो मशीन सही है। लेकिन अगर कर्मचारी नोज़ल दबाता है और मीटर 0 से सीधे 10 या उससे बड़े नंबर पर जंप (Meter Jumping) कर जाता है तो समझ लीजिए कि मशीन में प्रोग्रामिंग के जरिए गड़बड़ी की गई है और आपको कम तेल दिया जा रहा है।
पैनिक बायिंग (Panic Buying) के वक्त रहें ज्यादा सावधान
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (US-Iran War) के कारण पाकिस्तान और श्रीलंका समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत में भी मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक पेट्रोल पंपों पर भीड़ और 'पैनिक बायिंग' देखी जा रही है।
हालांकि भारत सरकार और तेल कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि देश में फ्यूल की कोई कमी नहीं है। ऐसे में घबराहट में तेल भरवाने से बचें, क्योंकि जल्दबाजी और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर पेट्रोल पंपों पर फ्रॉड के चांसेस सबसे ज्यादा होते हैं। फ्यूल हमेशा सतर्क रहकर और मशीन के सही पैरामीटर्स (0 रीडिंग और डेंसिटी) चेक करने के बाद ही भरवाएं।
