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One Nation and One Gold Rate: जल्द लागू होगी वन नेशन, वन रेट पॉलिसी, सोने-चांदी की कीमतों में आएगा बड़ा बदलाव

One Nation and One Gold Rate: देश के विभिन्न शहरों में सोने और चांदी की कीमतें अलग-अलग होती हैं। यह अंतर राज्य के टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण होता है। लेकिन अब एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है।

One Nation and One Gold Rate: जल्द लागू होगी वन नेशन, वन रेट पॉलिसी, सोने-चांदी की कीमतों में आएगा बड़ा बदलाव
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By Ragib Asim

One Nation and One Gold Rate: देश के विभिन्न शहरों में सोने और चांदी की कीमतें अलग-अलग होती हैं। यह अंतर राज्य के टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण होता है। लेकिन अब एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है। जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल वन नेशन, वन रेट पॉलिसी को लागू करने के लिए तैयार है।

एक समान रेट पर मिलेगा सोना

इस पॉलिसी के लागू होने के बाद, देशभर में कहीं भी सोना खरीदने पर एक ही रेट मिलेगा। इससे आम जनता को उनके शहर में ही सोना एक समान दाम पर मिलेगा। लंबे समय से इस पॉलिसी को लागू करने की कोशिशें चल रही थीं, और अब देशभर के ज्वैलर्स इसके लिए तैयार हो गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि सितंबर में इसकी आधिकारिक घोषणा हो जाएगी।

क्या है वन नेशन, वन रेट पॉलिसी?

‘वन नेशन, वन रेट पॉलिसी’ भारत सरकार की एक प्रस्तावित योजना है, जिसका मकसद पूरे देश में सोने की कीमतें समान करना है। इस योजना के तहत सरकार एक नेशनल बुलियन एक्सचेंज बनाएगी, जो पूरे देश में सोने के दाम तय करेगा। यह प्रक्रिया शेयर मार्केट की तरह होगी, जहां किसी कंपनी के शेयर के दाम पूरे देश में एक समान होते हैं। मौजूदा समय में सोने-चांदी की खरीद-बिक्री MCX पर होती है, लेकिन इस पॉलिसी के तहत सर्राफा बाजार के लिए भी एक एक्सचेंज बन जाएगा।

कैसे मिलेगा फायदा?

राष्ट्रीय स्तर पर बने बुलियन एक्सचेंज ही सोने की कीमतों को तय करेगा और देशभर के ज्वैलर्स को उसी कीमत पर सोना बेचना होगा। इससे इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को भी सोना पूरे देश में एक ही दाम पर मिलेगा। मान लीजिए आप लखनऊ में रहते हैं और वहां सोना महंगा है। ऐसे में आपको सस्ता सोना खरीदने के लिए दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं होगी। इस पॉलिसी के लागू होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।

कैसे तय होती है कीमत?

वर्तमान समय में सोने की कीमतें सर्राफा बाजार के एसोसिएशन द्वारा तय की जाती हैं, जो हर शहर के लिए अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर हर सर्राफा बाजार अपनी-अपनी शहर की कीमत शाम के समय जारी करता है। पेट्रोल-डीजल की तरह ही सोने-चांदी की कीमतें भी हर रोज तय की जाती हैं। सोने-चांदी की कीमतों में ग्लोबल सेंटिमेंट्स का भी अहम रोल होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कीमतों का असर घरेलू बाजार पर भी होता है।

क्या कम हो जाएंगी कीमतें?

इस पॉलिसी के आने से इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिसका फायदा आम आदमी को मिलेगा। कीमतों का अंतर खत्म होने से सोने की कीमतों में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा, ज्वैलर्स की मनमानी पर लगाम लग सकेगी और कारोबारियों में कंपिटिशन बढ़ेगा, जिससे यह पॉलिसी कारोबार के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस पॉलिसी को लागू करने के लिए ज्वैलर्स की संस्था GJC ने देशभर के ज्वैलर्स से राय ली है, जिसमें ज्वैलर्स ने इसे लागू करने की सहमति जताई है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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