Lok Sabha Row Explained: क्या हुआ स्पीकर के चैंबर में, क्यों रोके गए पीएम मोदी? स्पीकर ओम बिरला ने बताया कारण
Lok Sabha Row Explained: संसद के बजट सत्र में गुरुवार को भी चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के विरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

नई दिल्ली 5 फरवरी 2026: संसद के बजट सत्र में गुरुवार को भी चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के विरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। हालात ऐसे बने कि लोकसभा में 2004 के बाद पहली बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही पारित कर दिया गया। लोकसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi का धन्यवाद प्रस्ताव विपक्षी हंगामे के कारण टलता रहा। वहीं राज्यसभा में भी विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट किया। लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
ओम बिरला बोले- जो हुआ, वह काले धब्बे जैसा
तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा स्पीकर Om Birla ने कहा कि बुधवार को सदन में जो कुछ हुआ उसे देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि वे सदन में आकर भाषण न दें। बिरला ने कहा जो कुछ कल हुआ वह संसदीय इतिहास में कभी नहीं हुआ। राजनीतिक मतभेद कभी स्पीकर के कार्यालय तक नहीं पहुंचे थे। प्रतिपक्ष के सदस्यों का आचरण काले धब्बे जैसा था।
मेरे आग्रह पर सदन में नहीं आए प्रधानमंत्री: बिरला
स्पीकर ने आगे बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री को जवाब देना था लेकिन उन्हें ऐसी जानकारी मिली थी कि कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचकर कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं। उन्होंने कहा अगर ऐसा होता तो यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता। इसी को टालने के लिए मैंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का आग्रह किया जिसे उन्होंने स्वीकार किया।
अब राज्यसभा में भाषण की संभावना
लोकसभा में हंगामे के बीच स्पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण से जुड़े संशोधन प्रस्तावों को बहुमत न मिलने पर खारिज कर दिया और धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कर दिया। हालांकि उससे पहले प्रधानमंत्री का भाषण होना था। सत्तापक्ष के अनुसार प्रधानमंत्री अब शाम पांच बजे राज्यसभा में अपनी बात रख सकते हैं। भाजपा J P Nadda ने कहा कि प्रधानमंत्री जवाब देना चाहते हैं लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा।
राज्यसभा में खड़गे और किरेन रिजिजू में तीखी बहस
राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद नियमों से चलती है किसी की इच्छा से नहीं। नड्डा ने भी कहा कि प्रधानमंत्री लोकसभा में उठे मुद्दों का जवाब देने को तैयार थे, लेकिन विपक्ष ने कामकाज बाधित किया।
'अबोध बालक' टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
राज्यसभा में नड्डा की 'अबोध बालक' टिप्पणी पर खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्तापक्ष के सांसद प्रधानमंत्री के बंधक हैं और उनकी अनुमति के बिना कुछ नहीं बोल सकते। इसके बाद हंगामा बढ़ा और विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया।
हंगामे की वजह क्या है?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाना चाहते थे। स्पीकर ने नियमों का हवाला देकर उन्हें अनुमति नहीं दी, जिस पर विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी पर सदन की अवहेलना का आरोप लगाया है। इससे पहले हंगामे के कारण आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित भी किया जा चुका है।
2004 का हवाला
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष की आपत्ति नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति न मिलना है। उन्होंने याद दिलाया कि 19 जून 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर उत्तर नहीं दे पाए थे और बाद में 2005 में उन्होंने दो बार जवाब दिया था।
कुल मिलाकर चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर जारी टकराव ने संसद के बजट सत्र की कार्यवाही को बुरी तरह प्रभावित किया है और आने वाले दिनों में भी गतिरोध बने रहने की उम्मीद पूरी तरह बानी ही है।
