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Odisha Police News : ओडिशा के 800 सेवानिवृत्त पुलिस फिर बनेंगे एसपीओ

Odisha SPO : सरकार ने करीब 800 सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को दोबारा स्पेशल पुलिस ऑफिसर यानी एसपीओ के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Odisha Police News : ओडिशा के 800 सेवानिवृत्त पुलिस फिर बनेंगे एसपीओ
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By Meenu Tiwari

Odisha Police News : ओडिशा में अब सुरक्षा प्रणाली काफी दुरुस्त होने वाली है. अब जुर्म करने वाले को भी कई बार सोच के क्राइम की राह पकड़नी होगी, क्योंकि ओडिशा सरकार ने कुछ ऐसी ही जुर्म के खिलाफ तैयारी कर ली है. ओडिशा सरकार ने जुर्म के खिलाफ कमर कसते हुए राज्य में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है।


सरकार ने करीब 800 सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को दोबारा स्पेशल पुलिस ऑफिसर यानी एसपीओ के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति पूरी तरह से संविदा आधार पर होगी और इसकी अवधि एक साल की होगी।


इस फैसले के तहत पुलिस विभाग के उन सेवानिवृत्त अधिकारियों को मौका मिलेगा, जिन्होंने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। सरकार का मानना है कि इन अनुभवी अधिकारियों का अनुभव और पेशेवर ज्ञान मौजूदा पुलिस बल के लिए काफी उपयोगी साबित होगा और कानून-व्यवस्था को संभालने में मदद करेगा।

पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र - जिनकी उम्र 65 वर्ष से कम


इस संबंध में ओडिशा गृह विभाग ने औपचारिक पत्र जारी कर पुलिस महानिदेशक और सभी पुलिस महानिरीक्षकों को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। जारी गाइडलाइंस के अनुसार, केवल वही सेवानिवृत्त अधिकारी इस पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होंगे, जिनकी उम्र 65 वर्ष से कम हो। सरकार ने यह भी साफ किया है कि चयन के लिए अधिकारियों की सीसीआर बहुत अच्छी होनी चाहिए। इसके अलावा, संबंधित अधिकारी को सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी क्वार्टर खाली कर चुका होना जरूरी होगा। अगर किसी अधिकारी के खिलाफ सेवा काल के दौरान कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई हो या कोई मामला लंबित हो, तो उसे इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।

इस प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए पुलिस महानिदेशक द्वारा एक विशेष चयन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति चयन की पूरी प्रक्रिया को देखेगी और नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस फैसले से पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी और पुराने पुलिसकर्मियों का अनुभव नए पुलिसकर्मियों को मिलेगा। जिससे उनका काम करने का तरीका बेहतर हो सकेगा।

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