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Nitin Nabin News: 20 जनवरी को नड्डा की जगह ले सकते हैं नितिन नबीन? जानिए BJP के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने हैं कौन कौन सी चुनौतियाँ?

Nitin Nabin News: जेपी नड्डा की जगह 20 जनवरी को नितिन नबीन के बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावना है। युवा नेतृत्व के सामने विधानसभा चुनाव, महिला आरक्षण, जाति जनगणना समेत 7 बड़ी चुनौतियां होंगी।

Nitin Nabin News: 20 जनवरी को नड्डा की जगह ले सकते हैं नितिन नबीन? जानिए BJP के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने हैं कौन कौन सी चुनौतियाँ?
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By Ragib Asim

नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के वरिष्ठ नेता और मौजूदा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के 20 जनवरी को जेपी नड्डा की जगह पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की पूरी संभावना है। बताया जा रहा है कि नबीन 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे और चूंकि उनके खिलाफ कोई दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं होगा इसलिए उनका निर्विरोध चुनाव तय माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और खुद जेपी नड्डा उनके प्रस्तावक हो सकते हैं। इस मौके पर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय पदाधिकारी दिल्ली में मौजूद रहेंगे।

BJP के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं नितिन नबीन

45 वर्षीय नितिन नबीन बीजेपी के इतिहास में सबसे युवा पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2026 से जनवरी 2029 तक रहेगा। इसे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की की सोच के तौर पर देखा जा रहा है।

दिसंबर 2025 में कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद से ही नबीन ने संगठन को बूथ लेवल तक मजबूत करने पर जोर दिया है। लेकिन अब जब वे पूर्ण अध्यक्ष बनने जा रहे हैं तो उनके सामने चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी हैं। आइये जानते हैं नितिन नबीन के सामने कौन कौन सी बड़ी चुनौतियां होंगी।

2026 के विधानसभा चुनाव और क्षेत्रीय विस्तार

2026 में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। असम में सत्ता बरकरार रखना, बंगाल में ममता बनर्जी की TMC से मुकाबला, दक्षिण भारत में बीजेपी की कमजोर पकड़ को मजबूत करना खासतौर पर तमिलनाडु और केरल में बीजेपी को ग्रासरूट स्तर पर संघर्ष करना होगा। नबीन पहले ही तमिलनाडु में 90 दिन के बूथ अभियान की बात कर चुके हैं।

महिला आरक्षण और Demarcation इम्प्लीमेंटेशन

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 पर्तिशत महिला आरक्षण 2027 की जनगणना और सीमांकन के बाद लागू होगा। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सीटों का संतुलन, टिकट बंटवारे में अंदरूनी टकराव, नेताओं की पत्नियों को टिकट जैसे नैतिक सवाल इन सबको साधना नबीन के लिए बड़ी परीक्षा होगी।

वन नेशन, वन इलेक्शन

अगर एक राष्ट्र, एक चुनाव का प्रस्ताव लागू होता है, तो पार्टी की पूरी चुनावी रणनीति बदल जाएगी। अलग-अलग चुनावों से मिलने वाला फीडबैक टाइम खत्म हो जाएगा। 2029 से पहले इस बदलाव के लिए संगठन, संसाधन और गठबंधन स्तर पर तैयारी जरूरी होगी।

जाति जनगणना और बदलते सामाजिक समीकरण

2027 की जनगणना में जाति गणना शामिल होने से राजनीति के समीकरण बदलेंगे। बीजेपी पहले ही खुद को 'ब्राह्मण-बनिया पार्टी' की छवि से बाहर लाने की कोशिश में है। जाति आंकड़ों के बाद टिकट और पद वितरण में संतुलन साधना आसान नहीं होगा खासतौर पर बिहार जैसे राज्यों में।

गैर-राजनीतिक परिवारों से 1 लाख युवाओं को जोड़ना

प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि एक लाख ऐसे युवा राजनीति में आएं जो राजनीतिक परिवारों से न हों। इसके लिए संगठन में बड़े बदलाव, नए चेहरे और युवा नेतृत्व को जगह देनी होगी। RSS और NDA सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखना भी जरूरी रहेगा।

वैश्विक और भू-राजनीतिक दबाव

अमेरिका के टैरिफ, चीन के साथ तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर घरेलू राजनीति पर पड़ेगा। सत्ताधारी पार्टी होने के नाते बीजेपी पर सीधा दबाव आएगा और संगठनात्मक स्तर पर नबीन को इन मुद्दों पर साफ़ संदेश और भरोसा देना होगा।

पार्टी की अंदरूनी राजनीति

नितिन नबीन को नॉन-कंट्रोवर्शियल और एग्जीक्यूशन-फोकस्ड नेता माना जाता है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर गुटबाजी को संभालना आसान नहीं होगा। शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, मनोहर लाल खट्टर जैसे वरिष्ठ नेताओं के अध्यक्ष पद की दौड़ में रहने की चर्चाएं थीं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना और युवाओं को आगे बढ़ाना दोनों का संतुलन साधना होगा।

उनके सामने चुनौतियां सिर्फ भविष्य की नहीं बल्कि तुरंत शुरू होने वाली हैं। अगर वे वरिष्ठों को सम्मान देते हुए युवाओं को नेतृत्व में जगह दे पाए और राज्यों के जमीनी मुद्दों को साध सके तो पार्टी को नई मजबूती मिल सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 20 जनवरी के बाद बीजेपी की सियासी दिशा किस ओर जाती है।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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