Bihar Politics: नीतीश के 'चिराग' संभालेंगे JDU की कमान? इंजीनियर बेटे निशांत की पॉलिटिकल 'लॉन्चिंग', क्या बनेंगे बिहार के नए डिप्टी CM?
Nishant Kumar Deputy CM: बिहार के CM नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की ख़बरों के बीच उनके बेटे निशांत कुमार की पॉलिटिक्स में एंट्री की चर्चा तेज हो गई है। क्या JDU उन्हें बनाएगी डिप्टी CM?

फोटो; AI जेनरेटेड
पटना 5 मार्च 2026: बिहार की पॉलिटिक्स में इस वक्त का सबसे बड़ा सस्पेंस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगले कदम को लेकर है। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि नीतीश आज (गुरुवार) बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ राज्यसभा के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल कर सकते हैं। लेकिन इस 'पावर शिफ्ट' के बीच सबसे तगड़ा ट्विस्ट उनके बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) को लेकर आ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर निशांत की एक्टिव पॉलिटिक्स में 'लॉन्चिंग' और उन्हें सीधे डिप्टी CM बनाए जाने की डिमांड तेजी से जोर पकड़ रही है।
पॉलिटिक्स से दूर रहने वाले इंजीनियर बेटे की होगी एंट्री?
नीतीश कुमार हमेशा से 'परिवारवाद' की राजनीति के सख्त खिलाफ रहे हैं। उनके बेटे निशांत कुमार पेशे से इंजीनियर हैं और अब तक पब्लिक लाइफ और मीडिया की चकाचौंध से बिल्कुल दूर रहे हैं।
हालांकि बिहार सरकार में संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने साफ हिंट दिया है कि निशांत कुमार जल्द ही एक्टिव पॉलिटिक्स में कदम रख सकते हैं। JDU के कई नेताओं का मानना है कि निशांत का 'पढ़े-लिखे और शांत स्वभाव' वाला इमेज पार्टी के लिए एक शानदार 'फेस' (Face) साबित हो सकता है। पिछले साल जून 2025 में भी JDU महासचिव परम हंस कुमार ने निशांत को स्टेट पॉलिटिक्स में एक्टिव रोल निभाने की सलाह दी थी।
नया 'पावर फॉर्मूला': BJP का CM, JDU के डिप्टी CM?
संवैधानिक नियमों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार CM पद छोड़ते हैं तो 6 महीने पहले बनी मौजूदा कैबिनेट तुरंत भंग हो जाएगी। इसके बाद बिहार में NDA की पूरी तरह से 'नई सरकार' बनेगी और पोर्टफोलियो का रीडिस्ट्रीब्यूशन होगा। सियासी गलियारों में जो नया 'बैलेंसिंग फॉर्मूला' चल रहा है, उसके मुताबिक-
- CM की कुर्सी BJP के पास: विधानसभा में विधायकों का 'नंबर गेम' बीजेपी के पक्ष में है इसलिए मुख्यमंत्री का पद भगवा दल के खाते में जा सकता है।
- JDU के पास 2 डिप्टी CM: गठबंधन में पावर बैलेंस बनाए रखने के लिए JDU को दो उपमुख्यमंत्री पद दिए जा सकते हैं जिनमें से एक बड़ा चेहरा निशांत कुमार हो सकते हैं।
JDU का 'सर्वाइवल गेम'
जेडीयू के लिए अब सबसे बड़ा चैलेंज नीतीश के बाद एक ऐसा लीडर खोजना है जो पार्टी को टूटने से बचा सके। निशांत कुमार को आगे लाना JDU के लिए अपनी पॉलिटिकल आइडेंटिटी और कोर वोटर बेस को बचाने का एक बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है।
