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Self-Medication Ban: बिना डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन दवा लेने वाले सावधान! 100mg से ज्यादा Nimesulide बैन, कफ सिरप की खुली बिक्री पर भी रोक! जानिए क्यों लगी रोक?

Self-Medication Ban: सिर दर्द हो, बुखार आए या हल्की खांसी- अक्सर लोग बिना डॉक्टर से पूछे दवा ले लेते हैं। लेकिन अब ऐसा करना आसान नहीं रहेगा।

Self-Medication Ban: बिना डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन दवा लेने वाले सावधान! 100mg से ज्यादा Nimesulide बैन, कफ सिरप की खुली बिक्री पर भी रोक! जानिए क्यों लगी रोक?
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By Ragib Asim

Self-Medication Ban: सिर दर्द हो, बुखार आए या हल्की खांसी- अक्सर लोग बिना डॉक्टर से पूछे दवा ले लेते हैं। लेकिन अब ऐसा करना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ने self-medication पर सख्ती दिखाते हुए दवाओं के इस्तेमाल को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Nimesulide दवा की 100 mg से ज्यादा डोज वाली गोलियों और सिरप पर रोक लगा दी है। साथ ही खांसी के सिरप बिना पर्ची मिलने वाली दवाओं की सूची से हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

Nimesulide पर रोक क्यों लगी?
मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फॅमिली वेलफेयर की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 100 mg से ज्यादा डोज वाली Nimesulide की इमीडियेट रिलीज़ ओरल दवाएं अब न बनाई जाएंगी, न बेची जाएंगी और न ही सप्लाई होंगी। सरकार का साफ कहना है कि ज्यादा डोज में यह दवा लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। जब बाजार में सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं तो जोखिम लेने की जरूरत नहीं है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रोक सिर्फ 100 mg से ज्यादा डोज पर लागू है। 100 mg तक की दवा पर फिलहाल बैन नहीं है लेकिन इसके सीमित इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
कफ सिरप अब डॉक्टर से पूछकर?
सरकार ने एक ड्राफ्ट प्रस्ताव भी जारी किया है जिसमें कफ सिरप को OTC यानी बिना पर्ची मिलने वाली दवाओं की लिस्ट से हटाने की बात कही गई है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो खांसी का सिरप लेने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होगी। हालांकि खांसी की गोलियां टैबलेट और लॉजेंज अभी इस दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने इस पर डॉक्टरों, फार्मा कंपनियों और आम लोगों से 30 दिन में सुझाव मांगे हैं। इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बच्चों की मौतों ने बदला रुख
यह फैसला ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ सालों में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के कई मामले सामने आए। मध्य प्रदेश में 22 बच्चों की मौत और राजस्थान समेत दूसरे राज्यों की घटनाओं ने दवा की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इन्हीं घटनाओं के बाद ड्रग रेगुलेटर और एक्सपर्ट समितियों ने OTC दवाओं पर दोबारा सोचने की सिफारिश की थी।
ICMR ने क्या चेतावनी दी?
Nimesulide पर सख्ती की सिफारिश इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने की थी। ICMR की जांच में पाया गया कि कुछ मामलों में यह दवा सीरियस लिवर टॉक्सिसिटी पैदा कर सकती है। ICMR ने साफ कहा है कि Nimesulide को फर्स्ट चॉइस दवा नहीं माना जाना चाहिए। इसे सिर्फ सेकंड लाइन ट्रीटमेंट के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाए।
किन लोगों को यह दवा नहीं लेनी चाहिए?
पहले से ही इन लोगों के लिए Nimesulide सुरक्षित नहीं मानी जाती:
12 साल से कम उम्र के बच्चे
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
लिवर या किडनी की बीमारी वाले मरीज
जो पहले से लिवर या किडनी पर असर डालने वाली दवाएं ले रहे हों
अब सरकार अलग-अलग उम्र के लोगों पर इसके असर की दोबारा समीक्षा भी करेगी।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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