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New Year 2026 Strike: न्यू ईयर ईव पर डिलीवरी ठप? Zomato-Swiggy से Amazon तक गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल, जानें क्या है मांगे?

New Year 2026 Delivery Workers Strike in India: न्यू ईयर ईव पर ऑनलाइन ऑर्डर और फूड डिलीवरी पर संकट मंडरा रहा है। गिग वर्कर्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बड़े शहरों में सेवाएं ठप होने की आशंका है।

New Year 2026 Strike: न्यू ईयर ईव पर डिलीवरी ठप? Zomato-Swiggy से Amazon तक गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल, जानें क्या है मांगे?
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Image Source: AI| Edited By: NPG News

By Ragib Asim

New Year 2026 Strike: नए साल 2026 की उलटी गिनती शुरू होते ही ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी पर निर्भर लोगों को झटका लग सकता है। न्यू ईयर ईव से ठीक पहले देशभर के डिलीवरी वर्कर्स ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसका सीधा असर Swiggy, Zomato, Amazon और Flipkart जैसी बड़ी प्लेटफॉर्म सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी के लिए खाना ऑर्डर करने से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी तक सब कुछ प्रभावित होने की आशंका है।

किन शहरों में ज्यादा असर की आशंका
यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के नेतृत्व में हो रही है। शुरुआती संकेतों के मुताबिक दिल्ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों में डिलीवरी सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। इसके साथ ही लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर और पटना जैसे टियर-2 शहरों में भी ऑर्डर में देरी या कैंसिलेशन का सामना करना पड़ सकता है।
एक लाख से ज्यादा वर्कर्स के शामिल होने का दावा
यूनियनों का दावा है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के क्षेत्रीय संगठन इस हड़ताल में शामिल हैं। अनुमान है कि देशभर में एक लाख से अधिक डिलीवरी वर्कर्स या तो ऐप पर लॉग-इन नहीं करेंगे या फिर बहुत सीमित समय के लिए ही काम करेंगे। इसका मतलब है कि न्यू ईयर ईव की रात ऑर्डर मिलने में भारी परेशानी हो सकती है।
क्यों कर रहे हैं गिग वर्कर्स हड़ताल
यूनियनों का कहना है कि इससे पहले क्रिसमस के दौरान भी इसी तरह की हड़ताल हुई थी, लेकिन कंपनियों की नीतियों में कोई ठोस बदलाव नहीं आया। गिग वर्कर्स का आरोप है कि बढ़ती मांग के बावजूद उन्हें न तो स्थिर आय मिलती है और न ही काम की सुरक्षा। खास तौर पर 10-मिनट डिलीवरी मॉडल के चलते सड़क हादसों का जोखिम बढ़ गया है, जबकि दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं अब भी नहीं दी जा रही हैं।
क्या हैं गिग वर्कर्स की मांगें?
वर्कर्स का कहना है कि वे सम्मानजनक और पारदर्शी वेतन व्यवस्था, सुरक्षित कामकाजी हालात और मनमानी पेनल्टी व आईडी ब्लॉक जैसी कार्रवाइयों पर रोक चाहते हैं। इसके साथ ही एल्गोरिदम के जरिए काम के बंटवारे में भेदभाव खत्म करने, तय समय से ज्यादा काम न कराने और तकनीकी समस्याओं पर बेहतर सपोर्ट देने की मांग भी शामिल है। सबसे अहम मांग सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी है, जिसमें स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना कवर और पेंशन की गारंटी शामिल है।
गिग वर्कर्स कौन होते हैं?
डिलीवरी से जुड़े कर्मचारी गिग वर्कर्स की श्रेणी में आते हैं। ये वे लोग होते हैं जो प्लेटफॉर्म-आधारित काम करते हैं और हर ऑर्डर के बदले भुगतान पाते हैं। ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी सिस्टम इन्हीं पर टिका है, लेकिन यूनियनों का आरोप है कि कंपनियां इनकी आय और सुरक्षा को लेकर अपनी जिम्मेदारी से बचती रही हैं। न्यू ईयर से ठीक पहले घोषित यह हड़ताल इसी नाराजगी का नतीजा मानी जा रही है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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