GT एक्सप्रेस में आग: नई दिल्ली–चेन्नई GT Express में भीषण आग, जान बचाने को ट्रेन से कूदे यात्री
आग ट्रेन के एसी कोच बी-1 में ग्वालियर से करीब 20 किलोमीटर दूर लगी। इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन ट्रेन के स्लीपर कोच में सवार एक बुजुर्ग को जब आग की खबर मिली तो उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

चेन्नई से नई दिल्ली जा रही जीटी एक्सप्रेस के एसी थ्री टायर कोच में भीषण आग लग गई. इस दौरान जान बचाने के लिए ट्रेन से कई यात्री कूद गए. साथ ही एक व्यक्ति की ट्रेन में आग लगने की खबर से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. मालूम हो की रात करीब 2.30 बजे जीटी एक्सप्रेस के बी-1 कोच से अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जिसे देखने के बाद प्लेटफॉर्म और कोच में भगदड़ मच गई। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार आग ट्रेन के एसी कोच बी-1 में ग्वालियर से करीब 20 किलोमीटर दूर लगी। इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन ट्रेन के स्लीपर कोच में सवार एक बुजुर्ग को जब आग की खबर मिली तो उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। आग लगने के बाद ग्वालियर के पास सिथौली स्टेशन पर ट्रेन को खाली कराया गया हालांकि आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया, लेकिन ट्रेन से स्टेशन पर उतरे यात्रियों में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। रेलवे ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कब और कहाँ हुआ हादसा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन संख्या 12616 नई दिल्ली से चेन्नई (तांबरम) जा रही थी और सुबह नागपुर से रवाना हुई थी। जब ट्रेन वर्धा जिले में सिंदी रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ रही थी, तभी सुबह 11 बजकर 9 मिनट पर ट्रेन के आखिरी कोच से धुआं उठता दिखाई दिया। आग ट्रेन के आखिरी एसएलआर (सीटिंग-कम-लगेज रैक) कोच में लगी थी।
मध्य रेलवे के प्रवक्ता संजय मुले के मुताबिक, ट्रेन को तुरंत सिंदी-तुलजापुर सेक्शन पर रोका गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित कोच को तुरंत ट्रेन से अलग कर दिया गया और दमकल विभाग को सूचना दी गई।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और प्रभावित कोच में मौजूद यात्रियों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बड़ा हादसा टला
इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन समय रहते ट्रेन रोकने और कोच अलग करने की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों की सतर्कता और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित प्रतिक्रिया से स्थिति पर काबू पाया गया। हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय तकनीकी टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है।
