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MUDA Land Scam: इस राज्य CM के खिलाफ राज्यपाल ने मुकद्दमा चलाने की मंजूरी दी, जानिए अब क्या होगा?

MUDA Land Scam: कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने MUDA जमीन घोटाले में राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है। यह फैसला टी जे अब्राहम, प्रदीप और स्नेहमयी कृष्णा की ओर से दायर 3 याचिकाओं पर बेस्ड है।

MUDA Land Scam: इस राज्य CM के खिलाफ राज्यपाल ने मुकद्दमा चलाने की मंजूरी दी, जानिए अब क्या होगा?
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By Ragib Asim

MUDA Land Scam: कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने MUDA जमीन घोटाले में राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है। यह फैसला टी जे अब्राहम, प्रदीप और स्नेहमयी कृष्णा की ओर से दायर 3 याचिकाओं पर आधारित है। मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) की 50:50 इंसेटिव स्कीम के तहत, लेआउट के विकास के लिए अपनी जमीन खोने वाले व्यक्तियों को या तो 50% साइट या एक वैकल्पिक साइट दी जाती है। रिपोर्ट में कई उल्लंघनों का संकेत है, जैसे कि व्यक्तियों को योजना के तहत मिलने वाले अधिकार से ज्यादा वैकल्पिक साइट्स मिल रही हैं।

सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के पास मैसूर के केसारे गांव में 3 एकड़ जमीन थी। इस जमीन को MUDA ने विकास के लिए ले लिया था। मुआवजा के तौर पर सिद्धारमैया की पत्नी को मैसूर के एक महंगे इलाके में जमीन दी गई थी। आरोप है कि पार्वती को अलॉट हुए प्लॉट की वैल्यू, MUDA द्वारा उनसे ली गई जमीन की तुलना में अधिक था।


क्या है MUDA घोटाला?

MUDA ने 2009 में शहरी विकास के चलते जमीन खोने वाले लोगों के लिए 50:50 योजना पेश की थी। इसके तहत जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें मुडा द्वारा विकसित भूमि की 50 प्रतिशत जमीन के प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। आरोप हैं कि कई लोगों को उनके हक से ज्यादा जमीनें दी गई हैं। आरोप ये भी हैं कि लोगों को मुआवजे के रूप में अधिक मूल्य की वैकल्पिक जमीनें आवंटित कर दी गई थीं।

वकील-एक्टिविस्ट टी जे अब्राहम की ओर से दायर याचिका के आधार पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 26 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री को उन पर लगाए पर आरोपों का जवाब देने और यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि उनके खिलाफ मुकदमे की इजाजत क्यों नहीं दी जानी चाहिए। जुलाई में सिद्धारमैया ने इस मामले के संबंध में अपना मजबूती से बचाव किया था और कहा था कि न तो उनका और न ही उनके परिवार का इसमें कोई रोल है।

अदालत में चुनौती दी जाएगी: सिद्धारमैया

राज्यपाल के इस फैसले पर सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा, जद (एस) और अन्य ने लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित सरकार को हटाने की साजिश रची है। कर्नाटक के राज्यपाल का फैसला संविधान विरोधी और कानून के खिलाफ है। इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई गलत काम नहीं किया है कि इस्तीफा देना पड़े।

कर्नाटक सरकार ने 1 अगस्त को राज्यपाल को मुख्यमंत्री को जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने की सलाह दी थी। राज्य सरकार ने राज्यपाल पर ‘संवैधानिक कार्यालय के घोर गलत इस्तेमाल' का आरोप लगाया था।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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