Begin typing your search above and press return to search.
Medanta Kidney Scam: मेदांता किडनी स्कैम का पर्दाफाश, 3 करोड़ का झांसा देकर महिला से ठगी, पुलिस ने दर्ज किया केस
Medanta Kidney Scam: गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से जुड़े होने का दावा कर एक जालसाज ने महिला से किडनी दान के नाम पर पैसे मांगे। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

Medanta Kidney Scam Update: गुरुग्राम में Medanta Kidney Scam का नया मामला सामने आया है जहां एक महिला को किडनी दान करने के बदले 3 करोड़ रुपये देने का झांसा देकर ठगी की कोशिश की गई। आरोपी ने खुद को मेदांता अस्पताल से जुड़ा डॉक्टर बताकर महिला से पहले रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर रकम की मांग की।
रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे मांगे
रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने महिला से अंगदान की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर पहले 8,000 रुपये लिए। इसके बाद फिर 20,000 रुपये की मांग की। आरोपी ने महिला को भरोसा दिलाया कि किडनी दान के बदले तय की गई 3 करोड़ रुपये की रकम उसके खाते में जमा करा दी जाएगी। इसी दौरान महिला को पूरे मामले पर संदेह हुआ।
ईमेल से खुली पोल
महिला ने 14 जनवरी को ईमेल के जरिए मेदांता– द मेडिसिटी से संपर्क कर इस डॉक्टर और प्रोसेस की कन्फोर्मशन चाही तो जवाब में अस्पताल ने कहा कि प्रिया संतोष नाम की कोई डॉक्टर उनके यहां कार्यरत नहीं है। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को डॉ. प्रिया संतोष बताकर अस्पताल से जुड़ा होने का दावा किया था। इस जालसाज ने मेदांता के नाम से एक फर्जी वेबसाइट भी बना राखी थी जिस पर अंगदान के बदले भारी रकम का लालच दिया जा रहा था। वेबसाइट पर एक किडनी के लिए 3 करोड़ रुपये तक के भुगतान का दावा किया गया है।
महिला को यह विज्ञापन सोशल मीडिया पर दिखाई दिया था, जिसके बाद उसने वेबसाइट के जरिए आरोपी से संपर्क किया। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने उसे कर्मचारी कोड वाला एक जाली पहचान पत्र भी भेजा।
पुलिस ने दर्ज किया केस
बुधवार को अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय दुरानी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सदर गुरुग्राम पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है। सदर, गुरुग्राम पुलिस स्टेशन के SHO ने मीडिया को बताया कि अस्पताल अधिकारियों से शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
अस्पताल ने किया किनारा
मेदांता अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि अस्पताल इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं है। उन्होंने दोहराया कि प्रिया संतोष नाम की कोई डॉक्टर मेदांता में कार्यरत नहीं है।अस्पताल ने बताया कि फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरह झांसे में आकर दूसरे लोग भी ठगे गए हैं। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे अपडेट का इंतजार है।
Next Story
