व्रत का खाना बना काल : कुट्टू की पकौड़ी खाने से 70 लोग बीमार, 20 अस्पताल में भर्ती, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग
Mahashivratri Food Poisoning : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दो सोसायटियों में महाशिवरात्रि पर कुट्टू के आटे से बना फलाहार खाने के बाद 70 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. गंभीर हालत में 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, बाकि अन्य लोगो को प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया है. खाद्य विभाग ने आटे के नमूने लेकर जांच शुरू कर दिया है और मिलावट की आशंका जताई जा रही है.

व्रत का खाना बना काल : कुट्टू की पकौड़ी खाने से 70 लोग बीमार, 20 अस्पताल में भर्ती, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग
Mahashivratri Food Poisoning : ग्रेटर नोएडा : महाशिवरात्रि का पावन पर्व ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दो बड़ी सोसायटियों के लिए बुरा साबित हुआ. व्रत के दौरान खाया गया कुट्टू का आटा लोगों के लिए जहर बन गया. सुपरटेक ईकोविलेज-3 और हिमालय प्राइड सोसाइटी में कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और पूड़ी खाने के बाद देखते ही देखते 70 से ज्यादा लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. अचानक बिगड़ते हालात को देख सोसायटियों में हड़कंप मच गया.
ऑनलाइन और स्थानीय दुकानों से खरीदा था आटा
जानकारी के अनुसार, शिवरात्रि के मौके पर लोगों ने व्रत रखने की तैयारी की थी. इसके लिए स्थानीय दुकानों और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए कुट्टू का आटा मंगवाया गया था. जैसे ही लोगों ने शाम को व्रत खोला और इस आटे से बनी पकौड़ियां और पूड़ी खाई, वैसे ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. खाने के मात्र एक से दो घंटे के अंदर ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उल्टी, दस्त, जी मिचलाना, तेज पेट दर्द और शरीर में कंपकंपी जैसे लक्षण दिखने लगे.
अस्पतालों में मची अफरा-तफरी
हालात इतने खराब हो गए कि आनन-फानन में लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा. करीब 20 लोगों की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें न्यूमेड, यथार्थ और नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं लगभग 50 लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया. डॉक्टरों ने बताया कि यह मामला फूड पॉइजनिंग का है. गनीमत यह रही कि समय रहते लोग अस्पताल पहुँच गए, जिससे कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई. फिलहाल भर्ती मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है.
खाद्य विभाग की कार्रवाई और मिलावट का खेल
घटना की खबर फैलते ही प्रशासन में खलबली मच गई. खाद्य विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और उन दुकानों पर छापेमारी की जहाँ से आटा खरीदा गया था. विभाग ने कुट्टू के आटे के नमूने लिए हैं और उन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया गया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के समय कुट्टू के आटे की डिमांड बहुत बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर मुनाफाखोर इसमें मिलावट कर देते हैं. कई बार पुराना या नमी वाला आटा भी फंगस और बैक्टीरिया का शिकार हो जाता है, जो शरीर के लिए खतरनाक होता है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खुले हुए आटे के बजाय केवल भरोसेमंद ब्रांड का पैकेट बंद आटा ही इस्तेमाल करें.
पहले भी कुट्टू का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग कई मामले सामने आ चुके हैं
देश में पहले भी कुट्टू का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं, ऐसा ही एक मामला मथुरा में भी देखने को मिला था. जहा चैत्र नवरात्र के पहले ही दिन व्रत फलाहार में कुट्टू के आटे की पकौड़ी और पूड़ी खाना लोगों को भारी पड़ गया था. विकास नगर, महेंद्र नगर और द्वारिकेश नगर के करीब तीन दर्जन से अधिक लोग जहरीला आटा खाने से बीमार हो गए थे, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल और निजी सेंटरों में भर्ती कराया गया था.
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया था कि मरीजों को उल्टी, दस्त और घबराहट की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था. जांच में पता चला था कि इन सभी मोहल्ले के लोगों ने कृषि मंडी के एक ही दुकानदार से आटा खरीदा था. प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे.
