Kisan Andolan Updates: आज देशभर में किसानों का 'रेल रोको' आंदोलन, सीमावर्ती इलाकों में कड़ी की गई सुरक्षा
Kisan Andolan Updates: पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान आज (10 मार्च 2024) को रेल रोको आंदोलन करने की तैयारी में हैं। पंजाब और हरियाणा में किसान 4 घंटे तक रेल रोको प्रदर्शन करेंगे।

Kisan Andolan Updates: पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान आज (10 मार्च 2024) को रेल रोको आंदोलन करने की तैयारी में हैं। पंजाब और हरियाणा में किसान 4 घंटे तक रेल रोको प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे शुरू होगा। इसके बाद शाम 4 बजे खत्म हो जाएगा। प्रदर्शनकारी किसान MSP समेत कई अन्य मांगों पर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों ने इसके लिए तीन रेल सेक्शन पर धरना देने का फैसला किया है। इसमें अंबाला-दिल्ली रेल खंड पर मोहड़ा गांव के फाटक नंबर 102 सी पर, अंबाला-लुधियाना रेल खंड पर शंभू रेलवे स्टेशन के पास और अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन पर लालडू रेलवे स्टेशन के नजदीक पटरी पर किसान धरने पर बैठेंगे।
उधर प्रशासन ने रेल रोको प्रदर्शन से पहले अंबाला में धारा 144 लगा दिया है। पुलिस किसान संगठनों के नेताओं से बातचीत कर रही है। आज दिनभर इस पर घमासान होने के आसार हैं। कहा जा रहा है कि किसान 60 जगहों पर रेल रोको आंदोलन करने की तैयारी में हैं। अंबाला पुलिस ने आंदोलन में नहीं हिस्सा लेने की अपील की है।
किसानों के धरने को देखते हुए रेलवे ने भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए योजना तैयार कर ली है। इस दौरान जो भी ट्रेनें अलग-अलग रेल खंड पर चल रही होंगी। उन्हें बीच रास्ते के छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर रोका जाएगा। यात्रियों से भी आग्रह किया जा रहा है कि वो जरूरत पड़ने पर ही ट्रेनों में सफर करें। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर आरपीएफ और जीआरपी के 100 से अधिक कर्मचारियों को तीनों रेल खंडों पर तैनात किया गया है। यह रेल पटरियों के आसपास तैनात रहेंगे। वहीं कुछ टीमों को गोपनीय तरीके से रेल पटरियों के आसपास तैनात किया गया है। किसी भी तरह की जानकारी रेलवे के आला अधिकारियों को जानकारी मिल सके।
जानिए किसानों की मांगें
- 1 - किसान अपनी फसलों पर न्यूतनम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी चाहते हैं।
- 2 - किसान दाल, मक्का और कपास की गारंटी वाली खरीद चाहते हैं।
- 3 - किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कराना चाहते हैं।
- 4 - खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान जान गंवाने वाले शुभकरण सिंह के लिए किसान इंसाफ मांग रहे हैं।
- 5 - 21 फरवरी को शुभकरण सिंह ने जान गंवाई थी। किसान अब अपने लिए इंसाफ मांग रहे हैं।
