साप्रदायिक तनाव : बागलकोट में भारी बवाल! हिंसा के बाद 24 फरवरी तक धारा 163 लागू; SP घायल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
Shivaji Jayanti Violence : कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती के जुलूस पर मस्जिद के पास हुए पथराव ने शहर में भारी तनाव पैदा कर दिया है. इस हिंसक झड़प में सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल भी घायल हो गए हैं. हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने शहर के कई हिस्सों में 24 फरवरी तक धारा 144 लागू कर दी है और दोषियों की तलाश के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

साप्रदायिक तनाव : बागलकोट में भारी बवाल! हिंसा के बाद 24 फरवरी तक धारा 163 लागू; SP घायल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
Bagalkot Shivaji Jayanti Violence 2026 : बागलकोट : कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी महाराज की जयंती पर निकली शोभायात्रा के दौरान जमकर हंगामा और पथराव हुआ. हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद पुलिस SP सिद्धार्थ गोयल को भी पत्थर लगा और वे घायल हो गए. इस हिंसा के बाद प्रशासन ने शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और शांति बनाए रखने के लिए 24 फरवरी तक धारा 144 लागू कर दिया है.
मस्जिद के पास कैसे शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक, शिवाजी जयंती के मौके पर पुराना बागलकोट इलाके से एक भव्य जुलूस निकाला जा रहा था. जब यह शोभायात्रा पनका मस्जिद के पास पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के कुछ युवाओं ने डीजे पर बज रहे गानों को लेकर विरोध जताया. आरोप है कि जुलूस वहां करीब 20 मिनट तक रुका रहा, जिसे लेकर बहस शुरू हुई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मस्जिद के अंदर और आसपास से पत्थरबाजी शुरू हो गई.
हमले में घायल हुए पुलिस कप्तान
पत्थरबाजी के दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई. सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे एसपी सिद्धार्थ गोयल को गर्दन के पास एक पत्थर लगा. उन्होंने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन वे चोटिल हो गए. उनकी वर्दी पर खून के धब्बे भी देखे गए. एसपी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें हल्की खरोंचें आई हैं और स्थिति को काबू में करने के लिए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. उपद्रवियों ने पत्थरबाजी के साथ-साथ कुछ जगहों पर आगजनी करने की भी कोशिश की.
हिंदू संगठनों ने दी बागलकोट बंद की चेतावनी
इस हमले के विरोध में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और मांग की है कि पत्थरबाजों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वो पूरे बागलकोट शहर को बंद कराने का आह्वान करेंगे. फिलहाल तनाव को देखते हुए पूरे शहर में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है.
बेलगावी में भी भड़की तनाव की आग
बागलकोट के साथ-साथ कर्नाटक के बेलगावी जिले से भी हंगामे की खबर है. यहाँ माछे गांव में शरारती तत्वों ने कन्नड़ क्रांतिकारी संगोली रायन्ना की प्रतिमा पर कालिख पोत दी और उसे नुकसान पहुंचाया. इस घटना के बाद बेलगावी में भी लोग सड़क पर उतर आए और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे.
प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
बागलकोट के नवानगर, विद्यागिरी और ओल्ड सिटी जैसे इलाकों में स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. प्रशासन ने 24 फरवरी की आधी रात तक के लिए धरा 144 लागू कर दिया है, जिसके तहत 4 से अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर रोक है. बिना अनुमति के कोई भी सभा या धरना प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा.
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
साल 2022 में कर्नाटक के हुबली में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारी बवाल हुआ था. भीड़ ने पुराने हुबली थाने को चारों तरफ से घेर लिया और जमकर पत्थरबाजी की थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसी तरह, दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान एक मस्जिद के पास से पथराव शुरू हुआ था, जिसने बड़े सांप्रदायिक दंगे का रूप ले लिया था. इन घटनाओं में भी डीजे के शोर और रास्ते को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक झड़पों में बदल गया.
एक और चर्चित मामला कर्नाटक के ही शिवमोगा का है, जहां साल 2023 में ईद मिलाद के जुलूस के दौरान पथराव की घटना हुई थी. उपद्रवियों ने घरों और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया था, जिसके बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा था. इन सभी मामलों में एक बात कॉमन रही है कि संवेदनशील इलाकों से गुजरते समय मामूली कहासुनी या नारेबाजी अचानक पत्थरबाजी में बदल जाती है. बागलकोट की ताजा घटना ने एक बार फिर इन पुरानी यादों को ताजा कर दिया है, जहां पुलिस अधिकारियों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया.
