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Jayant Chaudhary News: जयंत चौधरी छोड़ सकते हैं अखिलेश यादव का साथ? जानिए क्यों मिला सकते हैं BJP से हाथ?

Jayant Chaudhary News: पश्चिम बंगाल और पंजाब के बाद अब विपक्षी गठबंधन INDIA के लिए उत्तर प्रदेश से भी बुरी खबर आ रही है। अटकलें हैं कि राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के नेता जयंत चौधरी भाजपा से हाथ मिला सकते हैं।

Jayant Chaudhary News: जयंत चौधरी छोड़ सकते हैं अखिलेश यादव का साथ? जानिए क्यों मिला सकते हैं BJP से हाथ?
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By Ragib Asim

Jayant Chaudhary News: पश्चिम बंगाल और पंजाब के बाद अब विपक्षी गठबंधन INDIA के लिए उत्तर प्रदेश से भी बुरी खबर आ रही है। अटकलें हैं कि राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के नेता जयंत चौधरी भाजपा से हाथ मिला सकते हैं। भाजपा ने उन्हें 4 लोकसभा सीटों की पेशकश की है। इससे पहले समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अखिलेश यादव और जयंत के बीच सीट बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। हालांकि, अब लग रहा है कि जयंत अखिलेश का साथ छोड़ देंगे।

बीते दिनों जयंत ने भाजपा के कुछ बड़े नेताओं से मुलाकात की। कहा जा रहा है कि जयंत ने भाजपा के सामने 7 सीटों का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अब 4 लोकसभा और एक राज्यसभा सीट पर सहमति बन गई है। उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में RLD के एक नेता को मंत्री पद भी दिया जा सकता है। चर्चाएं हैं कि भाजपा और RLD में बातचीत अंतिम दौर में है।

जयंत ने पहले से तय अपने कम से कम 2 कार्यक्रमों को टाल दिया है। 12 फरवरी को उनके पिता अजीत चौधरी की जयंती है। उस दिन छपरौली में अजीत की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण होना था। फिलहाल इस कार्यक्रम को टाल दिया गया है। इसके अलावा मथुरा में 4 फरवरी को युवा सम्मेलन कार्यक्रम होना था। इसे भी रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा जंयत की राज्यसभा में भी उपस्थिति कम हुई है।

खबर है कि जयंत ने अखिलेश से 12 सीटें मांगी थीं, लेकिन उन्हें 7 सीटें मिलीं। इसके अलावा प्रत्याशी और पार्टी चिन्ह पर भी सहमति नहीं बनी। दरअसल, अखिलेश चाहते हैं कि मुजफ्फरनगर, बिजनौर और कैराना सीट पर SP के नेता RLD के चिन्ह पर चुनाव लड़ें, लेकिन जयंत इसके लिए तैयार नहीं हैं। RLD का गढ़ मानी जाने वाली मुजफ्फरनगर सीट पर सबसे ज्यादा विवाद है। अखिलेश यहां से अपने उम्मीदवार को RLD के चिन्ह पर लड़वाना चाहते हैं।

2009 में RLD ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। तब उसे 5 सीटों पर जीत मिली थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, जयंत का मानना है कि भाजपा के साथ जाने से उनकी पार्टी ज्यादा सीटें जीत पाएगी। 2019 में RLD ने SP के साथ मिलकर 3 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक पर भी जीत नहीं मिली। 2022 विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियां साथ थीं। तब RLD ने 33 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की।

कौन हैं जयंत चौधरी?

जयंत चौधरी चरण सिंह के पोते और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजीत सिंह के बेटे हैं। फिलहाल वे RLD के उपाध्यक्ष हैं। जयंत का जन्म 27 दिसंबर, 1978 को अमेरिका में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से अकाउंटिंग और फाइनेंस की पढ़ाई की है। जयंत मथुरा से सांसद भी रह चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की काफी पकड़ मानी जाती है।







Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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