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Jaishankar Warns Pakistan : आतंकवाद पर अब किसी की सलाह मंजूर नहीं : जयशंकर ने पाकिस्तान को बताया बदकिस्मती, चीन और पानी के समझौते पर भी दिए कड़े संकेत, पढ़े पूरी खबर

नए साल के दूसरे ही दिन भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पड़ोसी देशों की नापाक हरकतों पर कड़ा प्रहार किया है।

Jaishankar Warns Pakistan : आतंकवाद पर अब किसी की सलाह मंजूर नहीं : जयशंकर ने पाकिस्तान को बताया बदकिस्मती, चीन और पानी के समझौते पर भी दिए कड़े संकेत, पढ़े पूरी खबर
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Jaishankar Warns Pakistan : आतंकवाद पर अब किसी की सलाह मंजूर नहीं : जयशंकर ने पाकिस्तान को बताया बदकिस्मती, चीन और पानी के समझौते पर भी दिए कड़े संकेत, पढ़े पूरी खबर

By UMA

Jaishankar Warns Pakistan 2026 : चेन्नई। नए साल के दूसरे ही दिन भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पड़ोसी देशों की नापाक हरकतों पर कड़ा प्रहार किया है। आज शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को आईआईटी (IIT) मद्रास में छात्रों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उसे भारत के लिए दुर्भाग्यपूर्ण पड़ोसी बताया। जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खात्मे के लिए भारत को किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है।

Jaishankar Warns Pakistan 2026 : ऑपरेशन सिंदूर: हम बताएंगे कि हमें क्या करना है विदेश मंत्री ने पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए भारत की बदलती सैन्य कूटनीति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद भारत ने सीमा पार जाकर आतंकी बुनियादी ढांचों को नेस्तनाबूद किया था। जयशंकर ने दो टूक लहजे में कहा, हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं, यह कोई दूसरा देश तय नहीं कर सकता। हमारे लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हम इसके लिए अपना अधिकार सुरक्षित रखते हैं।"

आतंकवाद और सिंधु जल समझौता: अब नरमी नहीं

सिंधु जल समझौते पर बोलते हुए विदेश मंत्री ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि भारत ने दशकों पहले उदारता दिखाते हुए पानी के बंटवारे पर सहमति दी थी, लेकिन अगर सीमा पार से आतंकवाद खत्म नहीं होता, तो 'अच्छे पड़ोसी' की भावना को बरकरार रखना संभव नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि भारत पानी के मुद्दे पर अपने रुख की समीक्षा कर सकता है।

चीन को चेतावनी: अरुणाचल की जमीन पर कुछ नहीं बदलेगा

चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार और क्षेत्र पर दावों को लेकर जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। शंघाई एयरपोर्ट पर अरुणाचल की एक महिला यात्री को परेशान किए जाने की घटना पर उन्होंने सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि चीन की ऐसी हरकतों से जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली।

पड़ोसियों पर भारत की रणनीति: निवेश और सहयोग

बांग्लादेश के हालातों पर चर्चा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की मदद और निवेश उन देशों के लिए हमेशा खुला है जो भारत के लिए खतरा पैदा नहीं करते। हाल ही में बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने का जिक्र करते हुए उन्होंने संदेश दिया कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों का पक्षधर है, बशर्ते मंशा साफ हो।

समाधान के मोड में भारत

जयशंकर ने वसुधैव कुटुंबकम के दर्शन को आधुनिक संदर्भ में समझाते हुए कहा कि भारत आज दुनिया को दुश्मन की तरह नहीं देखता, लेकिन अपनी रक्षा के लिए हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने छात्रों से कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद समस्याओं का प्रभावी समाधान निकालना ही आज के भारत की असली ताकत है।

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